कथा व्यास ने 18 पुराण और 6 शास्त्रो का किया वर्णन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शास्त्री नगर स्थित रामलला गोपाल मंदिर में 24वां श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास मनोज शुक्ला ने सूत जी एवं सौनक संवाद के बारे में श्रोतागणो को विस्तारपूर्वक बताया।
श्रीराामलला गोपाल मंदिर के महंत 1008 बलरामदास जी महाराज ने बताया कि कथा व्यास जी ने रोमहर्षणव्यास का बलराम द्वारा वध किए जाने के बाद उनके पुत्र उग्रसवा को व्यास की पीठ पर असीन किया गया। महर्षि वेदव्यास जी चारो वेद, 18 पुराण व 6 शास्त्रो के आचार्यो के नाम प्रकाशित किए। जिनमें श्रृगवेद के पैल, सामवेद की जैमनी, यजुर्वेद वैसंपायन व अर्थर्वेद के सुमंत जी हुए। इतिहास और महाभारत में रोमहर्षण सूत हुए इसके बाद इन्ही महर्षियों पे वेदो की शाखाएं बढ़ाई। उन्होंने 6 शास्त्र के आचार्यो ने बताया कि यह 6 शास्त्र मीमांसा, वेदांत , न्याय शास्त्र, वैशिशिक, योग व संख्य है।