गांधी सभागार,पीलीभीत में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत निर्माण कार्यों की कार्ययोजना गठन के सम्बन्ध में हुई बैठक
जिला संवाददाता बुद्धसेन कश्यप
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस पीलीभीत।जनपद पीलीभीत के राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी मिलें, उत्तर प्रदेश, संजय सिंह गंगवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद की विभिन्न विधानसभाओं हेतु प्रस्तावित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गयी।बैठक में विवेक वर्मा, मा0 विधायक, बीसलपुर, बाबूराम पासवान, विधायक, पूरनपुर, विधायक, बरखेड़ा प्रतिनिधि हरेन्द्र कुमार, ज्ञानेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी, पीलीभीत, राजेन्द्र कुमार श्रीवास, मुख्य विकास अधिकारी, पीलीभीत, राजेश चौधरी, अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, पीलीभीत, एस0के0 जैन, अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड-1, लोक निर्माण विभाग, पीलीभीत सहित लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता एवं अवर अभियन्ता उपस्थित रहे।बैठक के दौरान मा0 राज्यमंत्री जी द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियन्ताओं को निर्देशित किया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना का गठन पूर्ण पारदर्शिता एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वय के साथ किया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के प्रस्ताव सम्बन्धित विधायक से प्राप्त किये जायें तथा प्रस्तावों का मिलान संबंधित विधानसभा के विधायक से कराने के उपरान्त ही अंतिम कार्ययोजना तैयार की जाये।
मा0 राज्यमंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिये कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र की कार्ययोजना में अन्य विधानसभा क्षेत्र के मार्गों को सम्मिलित न किया जाये, जिससे कार्यों का निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये।
इसके अतिरिक्त मा0 राज्यमंत्री जी ने समस्त अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देशित किया कि जनपद के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में कोई भी क्षतिग्रस्त मार्ग कार्ययोजना से वंचित न रह जाये। सभी अभियन्ता मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति के आधार पर प्रस्ताव तैयार करें तथा क्षतिग्रस्त एवं जर्जर मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में सम्मिलित करें, जिससे आमजन को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कार्ययोजना निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाये तथा शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ सम्पन्न कराया जाये।