खानकाहे हुसैनी में परचम कुशाई की रस्म अदा की गयी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | मोहर्रम की पहली तारीख पर परचम कुशाई की रस्म खानकाहे हुसैनी हज़रत ख्वाजा सैय्यद दाता हसन सालार (रह०अलै०) की दरगाह कर्नलगंज, ऊँची सड़क में हर साल की तरह इस साल भी खानकाहे हुसैनी में परचम की गुलपोशी कर सलातो सलाम के बाद दुआ हुई। परचम की गुलपोशी के बाद परचम को खानकाहे हुसैनी से इखलाक अहमद डेविड चिश्ती बाहर लेकर आये हुसैन के चाहने वाले हक हुसैन, मौला हुसैन, नारे हैदरी या अली या अली दीन की पनाह हुसैन है मेरा बादशाह हुसैन है की नारों की सदाओं से पूरा इलाका गूँजने लगा। इस्लाम के दूसरे खलीफा हज़रत उमर फारुख (रज़ियल्लाहु तआला अन्हु) की यौम ए शहादत पर नज़र पेश की गयी उसके बाद दुआ हुई। दुआ में खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने अल्लाह से अपने हबीब, मौला अली, हसनैन, उमर फारूख के सदके में हमारे मुल्क सूबे शहर में अमनों अमन कायम व खुशहाली तरक्की दे, गुनाहों की माफी, मस्जिदों में जमात के साथ नमाज़ अदा करने, दहशतगर्द का खात्मा करने, फिरकापरस्त ताकतों को नेस्तनाबूद करने की दुआ की सलातो सलाम पेशकर परचम खानकाहे हुसैनी मे नसब किया गया।परचम कुशाई मे इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, जमालुद्दीन फारुकी, परवेज़ आलम वारसी, गुलज़ार आलम, मोहम्मद अज़हर, मोहम्मद इदरीस, सैफ अली, मोहम्मद अफज़ाल, हिमांशु सक्सेना, मोहम्मद फहीम, दीनू सोनकर, मोहम्मद इदरीस, मोहम्मद इरफान, एजाज़ रशीद, खादिम खानकाहे हुसैनी अफज़ाल अहमद आदि लोग मौजूद थे।
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