पूर्व सैनिकों के अनुभव का जनपद के विकास में होगा उपयोग : जिलाधिकारी
*सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली धनराशि के सुरक्षित निवेश के लिए आयोजित होगी कार्यशाला*
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर, 12 अक्टूबर। पूर्व सैनिकों के पास विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव होता है। उनके अनुभव एवं क्षमताओं का उपयोग जनपद के हित में किया जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली धनराशि के सुरक्षित निवेश एवं सदुपयोग के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित सैनिक बंधु बैठक में यह बात कही।
बैठक में जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में कुल चार प्रकरण प्रस्तुत हुए। राम कुमार ने दो तथा जयमूर्ति एवं जयकरण पाल ने एक-एक समस्या रखी। जिलाधिकारी ने सभी प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली धनराशि का सोच-समझकर उपयोग करें। विशेष रूप से विवादित संपत्तियों की खरीद से बचें। जमीन खरीदते समय केवल कागजी दस्तावेजों पर भरोसा न करें, बल्कि स्वामित्व एवं वास्तविक स्थिति की जांच के साथ मौके पर कब्जा प्राप्त करना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने पूर्व सैनिकों को सुरक्षित निवेश, वित्तीय प्रबंधन एवं संपत्ति खरीद में कानूनी सावधानियों की जानकारी देने के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में पूर्व सैनिकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के शारीरिक अभ्यास के लिए मैदान विकसित करने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को प्रकरण का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री सौरभ सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) एस. पी. सिंह, कर्नल जयपीएस चौहान, मेजर (से.नि.) योगेंद्र सिंह कटियार सहित विभिन्न पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।