आईआईटी ने ‘समन्वय 2026’ के तीसरे संस्करण का सफलतापूर्वक समापन
- आईआईटी और गेट्स फाउंडेशन साझेदारी से विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र को स्थानीय स्तर पर विकसित कर आगे बढ़ाना
- साझेदारी से स्थानीय स्तर पर विकसित किफायती नैदानिक समाधानों से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण कदम: प्रो. मणींद्र
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी कानपुर) ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अपने प्रमुख उद्योग-अकादमिक एवं नवाचार सम्मेलन, आईआईटीके समन्वय 2026 (IITK Samanvay 2026) के तीसरे संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। इस सम्मेलन में उद्योग, सरकार और अकादमिक जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए अनुसंधान-आधारित नवाचार को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। आईआईटी कानपुर और गेट्स फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी की कर भारत के विज्ञान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय स्तर पर विकसित और किफायती नैदानिक समाधानों (डायग्नोस्टिक्स) को आगे बढ़ाना है। साझेदारी की घोषणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में की गई। संस्थान के निरंतर जुड़ाव तथा अनुसंधान और नवाचार के अवसरों के सृजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा, “शैक्षणिक संस्थानों का एक प्रमुख दायित्व वैज्ञानिक ज्ञान को ऐसे समाधानों में परिवर्तित करना है, जो लोगों के जीवन को बेहतर बना सकें। आईआईटी कानपुर में हम एक ऐसे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो अनुसंधान, उद्यमिता और उद्योग को जोड़कर राष्ट्रीय एवं वैश्विक महत्व की चुनौतियों का समाधान कर सके। गेट्स फाउंडेशन के साथ हमारी साझेदारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विशेष रूप से, स्थानीय स्तर पर विकसित किफायती नैदानिक समाधानों को आगे बढ़ाने के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। समन्वय जैसी पहलों के जरिए हमारा उद्देश्य ऐसे सहयोग को बढ़ावा देना है, जो संभावनाओं से परिपूर्ण विचारों को प्रयोगशालाओं से बाहर निकालकर उन समुदायों तक पहुंचाए, जिन्हें इनका सबसे अधिक लाभ मिल सकता है।”सम्मेलन में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसरों द्वारा तीन विशेषज्ञ व्याख्यान भी प्रस्तुत किए गए। गोल्डमैन सैक्स सस्टेनेबिलिटी चेयर प्रोफेसर प्रो. तरुण गुप्ता ने ‘भारत के विकास के निर्णायक दशक के लिए नवाचार’ विषय पर व्याख्यान दिया।इसी दृष्टिकोण के तहत आईआईटी कानपुर ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में अपने ‘ग्रेटर दैन अस’ (Greater Than Us) अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का लक्ष्य मार्च 2029 तक 1 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाना है। इसके माध्यम से संस्थान की बुनियादी क्षमताओं को सुदृढ़ करने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और अत्याधुनिक अनुसंधान एवं नवाचार को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।