भ्रूण हत्या पर लगाम लगाने हेतु दिलाई गई शपथ |
सुनील कुमार धुरिया संवाददाता
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कुरारा, हमीरपुर l सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुरारा में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश,हमीरपुर मनोज कुमार राय के निर्देशानुसार महेन्द्र कुमार पाण्डेय, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा आयोजित किया गया। मुख्य उद्देश्य गर्भाधान पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 (पीसीपीएनडीटी एक्ट) एवं चिकित्सीय गर्भपात (एमटीपी) एक्ट, 2021 के प्रावधानों पर जागरूकता फैलाना था। विशेष रूप से चिकित्सकों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आमजन को लक्षित यह कार्यक्रम सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में महेन्द्र कुमार पाण्डेय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा बताया गया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के माध्यम से भ्रूण के लिंग निर्धारण की कुप्रथा उन्मूलन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीनों का दुरुपयोग भ्रूण हत्या को बढ़ावा देता है, जिसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है। डॉ0 सुनील जायसवाल, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुरारा द्वारा बताया गया कि एमटीपी एक्ट के संशोधित नियमों की व्याख्या की गयी। उन्होंने बताया कि अब 24 सप्ताह तक गर्भपात की अनुमति राज्य स्तरीय चयन समिति से मिल सकती है, लेकिन यह महिला के स्वास्थ्य एवं सहमति पर आधारित होना चाहिए। अवैध गर्भपात से होने वाली जटिलताओं पर भी प्रकाश डाला गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विशेषज्ञों ने कानूनी प्रक्रियाओं, फॉर्म-सी भरने एवं रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिये। प्रतिभागियों ने पीसीपीएनडीटी उल्लंघन के मामलों में विधिक सहायता की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों के भ्रुण हत्या को रोकने सम्बन्धी शपथ भी दिलायी गयी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभी चिकित्सा संस्थानों से इन एक्टों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील करता है। निःशुल्क विधिक सहायता हेतु टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क करें। यह पहल लिंग समानता एवं मातृ स्वास्थ्य को सशक्त बनाएगी।