श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी
जनपद की प्रमुख निर्माण परियोजनाओं में श्रम कानूनों के अनुपालन का व्यापक सत्यापन, कमियों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l जनपद में संचालित विभिन्न बड़ी विकास एवं निर्माण परियोजनाओं में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर व्यापक निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 के अंतर्गत निर्धारित सभी मानकों का अनुपालन किया जा रहा है तथा जहां कहीं भी कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्ययोजना लागू कर दी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों की गति जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उन श्रमिकों का जीवन, स्वास्थ्य और सम्मान है, जो इन परियोजनाओं को धरातल पर साकार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी या श्रमिक सुविधाओं में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
ऊर्जा क्षेत्र की महत्वाकांक्षी ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-द्वितीय (220 केवी उपकेंद्र, हमीरपुर) परियोजना में मेसर्स अमारा राजा इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 110 श्रमिकों के लिए 4500 वर्गफुट क्षेत्र में 20 सुव्यवस्थित लेबर रूम विकसित किए गए हैं। यहां आरओ पेयजल, 10 शौचालय, बायो टॉयलेट, अग्निशामक यंत्र एवं इमरजेंसी असेंबली प्वाइंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाई वोल्टेज कार्य को देखते हुए शॉक-प्रूफ मैट तथा इंसुलेटेड उपकरणों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा राठ बस स्टेशन एवं डिपो कार्यशाला पुनरुद्धार परियोजना में कार्यरत 11 श्रमिकों के लिए आवास, आरओ आधारित पेयजल, 5 शौचालय एवं कैंटीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वेल्डिंग कार्यों में फेस शील्ड और वेल्डिंग गॉगल्स की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्माण अपशिष्ट को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी प्रकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सुमेरपुर में छात्रावास निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों के लिए आवासीय कमरे, किचन ब्लॉक, फर्स्ट एड बॉक्स, एलपीजी कुकिंग सुविधा, हेलमेट एवं रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराई गई है। भीषण गर्मी को देखते हुए ओआरएस घोल की उपलब्धता तथा छायादार विश्राम स्थलों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस लाइन, हमीरपुर में साइबर थाना एवं प्रशासनिक भवन निर्माण कार्य, राजकीय इंटर कॉलेज हमीरपुर छात्रावास अनुरक्षण कार्य, नवीन राजकीय इंटर कॉलेज मौदहा निर्माण परियोजना तथा 1750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण कार्य सहित सभी परियोजनाओं में श्रमिकों हेतु पेयजल, प्राथमिक उपचार, सुरक्षा उपकरण एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित कार्यों के लिए मोबाइल टीमों को पोर्टेबल फर्स्ट एड किट एवं ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने सभी कार्यदायी संस्थाओं एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्था अथवा ठेकेदार के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण शीघ्रातिशीघ्र बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के पोर्टल पर कराया जाए, जिससे उन्हें दुर्घटना बीमा, चिकित्सा सहायता एवं अन्य श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।
जिला प्रशासन विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में निरंतर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।