मिलावटखोरों के विरुद्ध वृहद अभियान चलाएं, लोक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : डीएम
*मिलावटखोरी में पकड़े जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश, जीएसटी विभाग को भी भेजी जाएगी सूचना
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज नवीन सभागार, सरसैया घाट में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में वृहद स्तर पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में तनिक भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने जोन में मिलावटखोरों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा संजय प्रताप सिंह ने बताया कि जून माह में रंगीन आलू, मिलावटी अचार, हानिकारक मोमोज, रंगीन फिंगर चिप्स तथा मिलावटी टोमेटो सॉस के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने रंगीन आलू बेचने वाले व्यक्ति का मंडी लाइसेंस अब तक निरस्त न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मंडी सचिव से स्पष्टीकरण तलब करते हुए संबंधित व्यक्ति का मंडी लाइसेंस तत्काल निरस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही यदि वह जीएसटी में पंजीकृत है तो इसकी सूचना जीएसटी विभाग को भी भेजने के निर्देश दिए, ताकि उसके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में मिलावटखोरी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे मामलों में संबंधित प्रतिष्ठान अथवा व्यक्ति का जीएसटी पंजीयन निरस्त कराने के लिए जीएसटी विभाग को भी सूचना भेजी जाए, जिससे प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य एवं रसद विभाग की सभी उचित दर की दुकानों तथा आबकारी विभाग द्वारा अधिकृत शराब की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाए। इससे उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी तथा पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष कुमार द्वारा कार्य में अपेक्षित रुचि न लेने पर उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खुफिया सूचना तंत्र विकसित करने, लक्षित छापेमारी बढ़ाने तथा मिलावटखोरों के विरुद्ध प्रभावी एवं सतत प्रवर्तन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में विभागीय समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 के बीच जनपद में 249 छापेमारी अभियान चलाए गए, जिनमें 405 खाद्य नमूने लिए गए। जांच में 153 नमूने अधोमानक पाए गए। इस अवधि में 298 वादों का निस्तारण करते हुए संबंधित कारोबारियों पर 78 लाख 26 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव आर.के. सफ्फड़ ने जनपद के विभिन्न रेस्टोरेंट एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं हाइजीन मानकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाने का सुझाव दिया।
बैठक में एडीएम सिटी आलोक कुमार गुप्ता, एडीसीपी महेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रीति सिन्हा, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।