चकमार्ग हुआ कब्जामुक्त, जल निकासी बहाल, राशन कार्ड की समस्या भी दूर
*डीएम की अध्यक्षता में बिल्हौर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का हुआ आयोजन
*संपूर्ण समाधान दिवस में 12 शिकायतों का मौके पर समाधान, फरियादियों को मिली राहत
*जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों का सात दिन में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के दिए निर्देश*
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को बिल्हौर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 127 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें 12 का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने शेष प्रकरणों का संपूर्ण समाधान दिवस शासनादेश द्वारा निर्धारित सात दिन के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवाद से संबंधित प्रकरणों में सभी पक्षों को सुना जाए। स्थलीय जांच एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद पक्षकारों की सहमति से विवाद का संतुष्टिपरक समाधान कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
*पुलिया से मिट्टी हटवाकर सुचारु कराई जल निकासी
ग्राम गंभीरपुर निवासी योगेंद्र ने ग्रामसभा के सार्वजनिक रास्ते पर जल निकासी के लिए बनी पुलिया को कुछ लोगों द्वारा मिट्टी डालकर बंद किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पानी का निकास बाधित होने से गांव में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। जिलाधिकारी ने शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी बिल्हौर को मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी ने पुलिया से मिट्टी हटवाकर जल निकासी सुचारु करा दी।
*राशन कार्ड में दर्ज हुआ रामदयाल का नाम*
ग्राम पिहानी मजबूतनगर निवासी रामदयाल सक्सेना ने बताया कि उनकी माता कृष्णा देवी के नाम राशन कार्ड बना है, जिसमें उनकी पत्नी साक्षी सक्सेना का नाम दर्ज था। पत्नी करीब दो वर्ष पूर्व बिना बताए कहीं चली गई थीं। राशन कार्ड में रामदयाल का नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें राशन प्राप्त करने में समस्या आ रही थी। उन्होंने पत्नी का नाम हटाकर अपना नाम दर्ज कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक ने साक्षी सक्सेना का नाम राशन कार्ड से हटाकर रामदयाल का नाम दर्ज करा दिया और मौके पर ही उनकी समस्या का समाधान किया।
*भूमि विवाद, वरासत और चकमार्ग से जुड़ी शिकायतों का समाधान*
ग्राम भटपुरा शिवराजपुर निवासी राजवती पत्नी रामबाबू और सरोजनी पत्नी बाबूलाल ने खेत की मेड़ तोड़कर भूमि मिला लेने की शिकायत की थी। कार्रवाई करते हुए दोनों को संबंधित भूमि पर कब्जा एवं दखल दिला दिया गया। धीरेन्द्र सिंह पुत्र रामप्रकाश की शिकायत पर ग्राम आंकिन में चकमार्ग को कब्जामुक्त कराया गया। वर्तमान में चकमार्ग पूरी तरह खाली है।
ग्राम इलियासपुर निवासी अरुणलता पत्नी विदेश सिंह के आवेदन पर संशोधित अंश खतौनी में दर्ज कराया गया। राकेश कुमार पुत्र सुमेर के आवेदन पर ग्राम डोडवाजमौली की भूमि को असंक्रमणीय भूमिधर से संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज किया गया। ग्राम उत्तरी निवासी संतोष बाजपेयी पुत्र शिवस्वरूप की वरासत भी खतौनी में अंकित कराई गई।
ग्राम कमसान में भूमि पर कब्जे से संबंधित माया देवी पत्नी राजेन्द्र सिंह की शिकायत का निस्तारण करते हुए उन्हें संबंधित भूमि पर कब्जा दिलाया गया। विश्व कुमार पुत्र प्रकाश नरायन के आवेदन पर ग्राम सहज्योरा में अंश निर्धारण की कार्रवाई पूरी की गई। अमन की शिकायत पर उनकी भूमि की वरासत खतौनी में दर्ज कराई गई।
ग्राम मालौं के ग्रामीणों ने राजस्व अभिलेखों में ऊसर के रूप में दर्ज भूमि पर कब्जे की शिकायत की थी। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि को कब्जामुक्त करा दिया।
संपूर्ण समाधान दिवस में सर्वाधिक 87 प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित रहे। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग के 14, विकास विभाग के 13, विद्युत विभाग के पांच तथा अन्य विभागों से संबंधित आठ प्रकरण प्राप्त हुए।
इस दौरान डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, उप जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला विकास अधिकारी एपी रस्तोगी, परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।