बिजली के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को वापस लेने की मांग की
- 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बिजली कर्मियों ने किसानों के साथ मिलकर बिजली के निजीकरण के विरोध में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में यह ऐलान किया गया कि निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता तो 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी। उल्लेखनीय है कि कानपुर में केंद्रीय ट्रेड यूनियन एवं किसानों ने बिजली के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और बीज संशोधन बिल वापस लेने की मांग को लेकर देश भर में प्रतिरोध दिवस मनाया और धरना प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के केंदीय पदाधिकारी पी एस बाजपेई, रफीक अहमद एवं वरिष्ठ नेता बी के अवस्थी, आरिफ बेग ने मजदूरों, किसानों और बिजली कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि बिजली के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में अब मजदूर, किसान और बिजली कर्मी कंधे से कंधा मिलाकर साथ संघर्ष करेंगे। संघर्ष समिति ने बिजली के निजीकरण से किसानों को होने वाले घातक परिणाम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) 2025 के जरिए सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी समाप्त करने की बात है। क्रॉस सब्सिडी समाप्त होने से जहां उद्योग और बड़े पूंजी घरानों को फायदा होगा वहीं सब्सिडी समाप्त होने से किसानों और गरीब उपभोक्ताओं की कमर टूट जाएगी। संशोधन बिल के जरिए कॉस्ट रिफ्लेक्टिव टैरिफ लागू करने की बात है। उत्तर प्रदेश में बिजली की लागत 8.18 रुपए प्रति यूनिट है। निजी कंपनियां कम से कम 16% का मुनाफा लेंगे। इस प्रकार 10 से 12 रुपए प्रति यूनिट बिजली का दाम हो जाएगा। साढ़े सात हॉर्स पावर का एक पंप सेट चलाने के वाले किसान को 10 से 12 हजार रुपए प्रति माह बिजली का बिल देना पड़ेगा। साफ है बिजली का निजीकरण गरीबों और किसानों को लालटेन युग में ले जाएगा। केंदीय ट्रेड यूनियन एवं किसानो ने प्रदर्शन के बाद बिजली का निजीकरण वापस लेने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल वापस लेने विषयक एक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित , सहायक श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश को सौंपा। बिजली के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी एमेंडमेंट बिल 2025 , कर्मचारियों के घरों पर मीटर लगाए जाने एवं संविदा कर्मचारियों की छटनी के विरोध में बिजली कर्मचारियों , अभियंताओं ने केस्को में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।