क्षेत्र में बढ़ते बंदरों के आतंक को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी ओईएफ को ज्ञापन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | छावनी विधानसभा के निवासियों ने प्रभागीय वनाधिकारी ओईएफ से मुलाकात की और क्षेत्र में बढ़ते बंदरों के आतंक को रोकने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।चौधरी सुनील यादव ने बताया कि पिछले काफी समय से पूरी विधानसभा में बंदरों ने भारी उत्पात मचा रखा है। बंदर न केवल घरों और बगीचों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों का अपने घरों की छतों पर जाना और बच्चों का बाहर खेलना दूभर हो गया है।डीएफओ को बुजुर्गों बच्चों और महिलाओं को बंदरों के काटने और हमले की फोटो वीडियो दिखाए। ज्ञापन में उठाई गई , इनकी मुख्य मांगें मुख्यत क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने के लिए तुरंत पिंजरे लगाए जाएं।विशेषज्ञ बंदर पकड़ने वाली टीम को तैनात किया जाए। पकड़े गए बंदरों को आबादी क्षेत्र से दूर घने जंगलों में छोड़ा जाए। चौधरी सुनील यादव ने बताया की मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली की शासन ने बंदरों को पकड़ने के लिए मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वन विभाग को एक शासन आदेश पारित किया गया है। अतः इस मामले पर तत्काल कार्यवाही करने की माँग की अन्यथा चेताया कि जनता को सड़कों पर आने पर विवश होना पड़ेगा। इस अवसर पर चौधरी सुनील यादव ने कहा, "प्रशासन को कई बार मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यदि वन विभाग एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं करता है, तो हम क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।"ओईएफ दिव्या सिंह ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि वन विभाग जल्द ही सर्वे करवाकर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू करेगा।इस दौरान धर्मेंद्र चौधरी, देवराज जोशी, राजेश कश्यप,नवीन गुप्ता, अनिल शर्मा आदि जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।
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