खसरा-रूबेला को हराएंगे,टिकाकरण जरूर कराएंगे
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | डीटीसी बिरहाना रोड ने केनाल रोड स्थित श्री छत्रपति शिवजी एग्लो वैदिक गुजराती है स्कूल में खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान चलाय कार्यक्रम का शुभारंभ लखन कुमार शुक्ला मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबंधन कानपुर और स्कूल के प्रधानाध्यापक इंद्रपाल ने फ़िता काट कर किया इस अवसर पर डॉ. अंजना शंखवार चिकित्साधिकारी डीटीसी बिरहाना रोड, आईओ शिवभजन, एलटी अनिल यादव , स्टाफ नर्स स्वेता, एएनएम पूजा आदि मौजूद रहीं डॉ. अंजना शंखवार और लखन कुमार शुक्ला ने बताया खसरा-रूबेला( एमआर ) टीकाकरण एक संयुक्त टीका है जो बच्चों को खसरा और रूबेला नामक दो संक्रामक वायरल बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह टीका, जिसे अक्सर एमएमआर वैक्सीन के रूप में भी दिया जाता है, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और इन बीमारियों से जुड़ी जटिलताओं व जन्मजात विकृतियों को रोकता है। खसरा (गंभीर बुखार/दाने) और रूबेला (गर्भावस्था में भ्रूण के लिए खतरनाक) को रोकना।यह एक जीवित-क्षीणित टीका है, जिसमें कमजोर वायरस का उपयोग किया जाता है।आमतौर पर, पहली खुराक 9-12 महीने की उम्र में और दूसरी खुराक 16-24 महीने (या स्कूल जाने से पहले) में दी जाती है। रूबेला से संक्रमित गर्भवती महिला के भ्रूण को जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (जैसे बहरापन, अंधापन ) का गंभीर खतरा होता है, जिससे यह टीका बचाता है।सुरक्षा: एमएमआर/एमआर टीका बेहद प्रभावी है और व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है |
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