मलेरिया एवं डेंगू के हाई रिस्क क्षेत्रों में 1 जून से चलेगा विशेष जन-जागरूकता अभियान: जिलाधिकारी
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देशों के क्रम में जनपद को वेक्टर जनित रोगों से सुरक्षित रखने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। आगामी वर्षा एवं संक्रमण काल को दृष्टिगत रखते हुए मलेरिया एवं डेंगू के प्रति अति संवेदनशील (हाई रिस्क) क्षेत्रों में विशेष जन-जागरूकता एवं नियंत्रण अभियान संचालित किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में दिनांक 25 मई 2026 को ज़ूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिला स्तरीय प्रशिक्षकों का एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण (टी.ओ.टी.) संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, नियंत्रण एवं जन-जागरूकता गतिविधियों के संबंध में प्रशिक्षित करना रहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक विशेष “दस्तक अभियान” संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत हाई रिस्क क्षेत्रों में आने वाले समस्त ग्रामों एवं नगरीय वार्डों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया एवं डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। इसके लिए वीएचएनसी, आशा, एएनएम एवं सीएचओ को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से सोर्स रिडक्शन गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिसके अंतर्गत मच्छरों के पनपने वाले स्थलों की पहचान कर उन्हें नष्ट किया जाएगा। साथ ही ज्वर पीड़ित व्यक्तियों का सघन सर्वे कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। जनपद में “हर रविवार मच्छर पर वार” थीम के अंतर्गत विशेष एंटी-मच्छर अभियान भी संचालित किया जाएगा, जिसमें स्वच्छता, एंटी-लार्वा गतिविधियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अभियान को अधिक प्रभावी बनाने हेतु शिक्षा विभाग के समन्वय से विद्यालयों के नोडल अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि स्कूली बच्चों के माध्यम से परिवारों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सके। इसके अतिरिक्त ग्राम्य विकास, पंचायती राज एवं नगर विकास विभागों के सहयोग से जलभराव एवं गंदगी जैसी मच्छर जनित परिस्थितियों को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि डेंगू के किसी भी संभावित अथवा पुष्ट मरीज के चिन्हित होने पर आगामी 24 से 48 घंटे के भीतर संबंधित क्षेत्र में सोर्स रिडक्शन, फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव जैसी आवश्यक नियंत्रण गतिविधियां सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में वेक्टर जनित रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार द्वारा अभियान के तकनीकी एवं महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला मलेरिया अधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
बैठक में डी.पी.आर.ओ. प्रतिनिधि, ए.डी.ओ. पंचायत, बी.एस.ए. प्रतिनिधि, डी.आई.ओ.एस., जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस) इंद्रपाल सिंह, समस्त ब्लॉकों के अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा मलेरिया एवं फाइलेरिया स्टाफ उपस्थित रहे।