ऑनलाइन निवेश के नाम पर 2,66 करोंड़ की साइबर धोखाधड़ी में दो अभियुक्त गिरफ्तार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। थाना साइबर क्राइम में पंजीकृत आईटी एक्ट के अंतर्गत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में गुरुवार को पुलिस टीम ने 2.66 करोड़ के साइबर धोखाधड़ी में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का मुकदमा दर्ज कर तहकीकात की जा रही है। जिसमें ठगी की रकम 89 बैंक खातों में भेजी गई थी।इनमें से एक खाते में ₹25 लाख प्राप्त हुए। संबंधित व्यक्ति के लगभग 35 बैंक खाते तथा विभिन्न राज्यों में 38 एनसीआरपी शिकायतें और सात अभियोग दर्ज होने की जानकारी मिली है।बैंक खातों के माध्यम से धनराशि के लेन-देन, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका तथा उपलब्ध तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों के ऑनलाइन निवेश के नाम पर शिकायतकर्ता से लगभग ₹2,66,22,000/- की कथित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है। पुलिस द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए धनराशि के लेन-देन की श्रृंखला, संदिग्ध बैंक खातों, खातों के वास्तविक उपयोगकर्ताओं तथा कथित साइबर धोखाधड़ी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मोहम्मद अहमद लारी निवासी- जाजमऊ ने शिकायत में अवगत कराया गया कि उन्हें "Finsol Private Limited" नामक निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश कर अत्यधिक लाभ प्राप्त करने का प्रलोभन दिया। शिकायत के अनुसार, "अनन्या कुलकर्णी" नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सऐप के माध्यम से शिकायतकर्ता से निवेश संबंधी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। निवेश पर अधिक लाभ मिलने की बात कहकर विभिन्न चरणों में धनराशि जमा कराई गई। ऑनलाइन निवेश के बदले लाभ के रूप में ₹9,74,81,459.78 की बड़ी धनराशि प्रदर्शित की गई। निकासी शुल्क तथा अन्य औपचारिकताओं के नाम पर उनसे लगभग ₹30,00,000/- की अतिरिक्त धनराशि जमा करने की मांग की गई। शिकायत श तथ्यों के आधार पर साइबर क्राइम थाना ने अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई। विवेचना के दौरान साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच का संबंधित बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर उनमें हुए लेन-देन की पड़ताल की गई। जांच के दौरान कथित ठगी की धनराशि से संबंधित द्वितीय स्तर के बैंक खाते की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके आधार पर आगे की विवेचनात्मक कार्यवाही की गई। पुलिस टीम द्वारा विवेचना के क्रम में "Sadbhavna Solution Pvt. Ltd." नामक फर्म के बैंक खाते की जांच की गई। उक्त फर्म का खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संचालित होना पाया गया।, उक्त बैंक खाता सरताज सिंह चौहान एवं उनके पुत्र प्रफुल्ल सिंह चौहान के नाम से संयुक्त रूप से खोला गया था। जांच में खाते के संचालन में अखिल सिंह चौहान की भूमिका सामने आने की जानकारी हुई। जांच में अखिल सिंह चौहान पुत्र सरताज सिंह चौहान, निवासी अहिरवां, थाना चकेरी एवं सतेन्द्र यादव उर्फ टोनी पुत्र स्वर्गीय संतराम यादव, निवासी मकान संख्या 208 (बी), सफीपुर सेकेंड कॉलोनी, कनिष्का होटल के पास, रामादेवी चौराहा, थाना चकेरीकी कथित भूमिका प्रकाश में आई। इसके बाद दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन तथा बैंकिंग गतिविधियों से संबंधित विभिन्न सामग्री बरामद की गई।
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