बिजली की सुविधा छीने जाने के विरोध में मुख्यालय पर व्यापक प्रदर्शन की तैयारी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बिजली के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में आगामी 16 जनवरी को देश भर में लाखों किसान सड़कों पर उतरेंगे। 16 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा ने "प्रतिरोध दिवस" मनाने का ऐलान किया है।किसान मोर्चा द्वारा 16 जनवरी को आयोजित "प्रतिरोध दिवस" में देश भर में बिजली कर्मी सम्मिलित होंगे इधर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर निजीकरण के विरोध में केस्को में लगातार चल रहे आंदोलन के 412 दिन पूरे होने पर आज बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति ने बताया कि 19 दिसंबर 2021 को जब केन्द्र सरकार का संयुक्त किसान मोर्चा के साथ समझौता हुआ था तब तत्कालीन केंद्रीय कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने संयुक्त किसान मोर्चा को लिखित तौर पर दिया था कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पर किसानों और सभी स्टेक होल्डर्स की सहमति लिए बना इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) नहीं लाया जाएगा।
संघर्ष समिति ने बताया कि बिजली के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों को देश भर के किसानों और अन्य उद्योगों के मजदूरों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम 16 जनवरी को किसानों का विरोध प्रदर्शन होगा और आगामी 12 फरवरी को देश के लगभग 25 करोड़ मजदूर एक दिन की हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार 12 फरवरी की हड़ताल का मुख्य मुद्दा बिजली के निजीकरण के विरोध में है।
संघर्ष समिति केस्को के संयोजक भगवान मिश्र एवं वरिष्ठ नेता बी के अवस्थी, पी एस बाजपेई, रफीक अहमद तथा आरिफ बेग ने संयुक्त रूप से कहा कि कर्मचारियों के घरों पर मीटर लगाए जाने तथा बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कर्मचारियों के घरों पर मीटर लगाए जाने और निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता तथा आंदोलन के फलस्वरूप की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियो को वापस नहीं ले लिया जाता। प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर आमादा है ऐसी स्थिति में बिजली कार्मिक केस्को मुख्यालय पर जल्द ही बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।