राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर केंद्रित रहा कामता सेवा संस्थान का वार्षिकोत्सव
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। युग दृष्टा स्वामी विवेकानंद जी ने विश्व पटल पर सनातन धर्म व संस्कृति की विचारधारा की स्थापना के लिए कार्य करने का संदेश देने के साथ ही एक दृष्टिकोण रखते हुए कार्य करने की जो प्रेरणा दी जो आज के दौर में 2047 के सक्षम व समर्थ राष्ट्र के निर्माण में सबल संबल सिद्ध होगी। स्वामी जी के आदर्शो पर चलकर सनातनी विचारधारा पर चलने वालों को जहां राम मंदिर का उपहार मिला वहीं राष्ट्रवादियों को भारत को विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनाकर मानवीय धर्म का निर्वाह किया गया। उक्त विचार कामता सेवा संस्थान द्वारा आयोजित संस्थान के अठारहवें वार्षिकोत्सव युवा दिवस पर मुख्य अतिथि नगर के सांसद श्री रमेश अवस्थी द्वारा प्रकट किए गए। सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर हॉल में आयोजित समारोह की अध्यक्षता शिक्षाविद् डॉ नरेंद्र द्विवेदी ने की। सर्वप्रथम समारोह का शुभारंभ गौरियापुर आश्रम, कानपुर देहात के महंत अनंत विभूषित श्री 108 देव नारायण दास जी व अन्य आचार्यों के द्वारा स्वस्ति वाचन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायिका श्रीमती नीलिमा कटियार ने स्वामी जी के कार्यों को अखंड भारत की समृद्ध विरासत बताते हुए कहा कि उनकी यही कार्यशैली व विरासत ही समृद्ध राष्ट्र का आधार है। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच लोगों का कामता सेवा रत्न से सम्मानित किया गया। जिनमें प्रमुख रूप से समाजसेवा के क्षेत्र में श्री सुरेश गुप्ता, शिक्षा के क्षेत्र में कुमारी मुदिता मिश्रा, चिकित्सा के क्षेत्र में श्रीमती कस्तूरी देवी मेमोरियल फाउंडेशन के माध्यम से मंदबुद्धि, विकलांग और निर्धन बच्चों के इलाज के के लिए समाज से सहयोग जुटाकर उनका निःशुल्क उपचार करते चले रहे हैं ऐसे कैंसर सर्जन डॉ अरुण प्रकाश द्विवेदी, नशामुक्ति के क्षेत्र में लिम्का बुक रिकॉर्ड धारी योग गुरु ज्योति बाबा, स्नेह पैथोलॉजी की संचालक श्रीमती पूनम तिवारी रही। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम नारायण त्रिपाठी ने किया। संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्रीनारायण त्रिपाठी ने बताया कि संस्थान समाज के हर कमजोर वर्ग के उत्थान हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार के क्षेत्र में निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। मानवता, करुणा और राष्ट्रसेवा के मूल मंत्र के साथ संस्थान समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगा रहा है। संस्थान की राष्ट्रीय महामंत्री मंजू त्रिपाठी ने बताया कि यह संस्थान का अठारहवां आयोजन है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सौरभ तिवारी, दिलीप मिश्रा, राज कुमार गुप्ता, जुगुल किशोर आदि उपस्थित रहे।
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