18वाँ स्थापना दिवस समारोह’ एवं 'फसल अवशेष प्रबंधन पर हुई कार्यशाला
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन तृतीय, कानपुर का ‘18वाँ स्थापना दिवस समारोह’आयोजित किया गया और इस अवसर पर 'फसल अवशेष प्रबंधन : सतत् समाधान' पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजकुमारी रत्ना सिंह, अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र प्रतापगढ़ ने ग्रामीण युवाओं को कृषि व्यवसाय में आने के लिए प्रोत्साहन देने के विषय पर चर्चा की। विशिष्ट अतिथि के. विजयेंद्र पांडियन, मंडलायुक्त कानपुर एवं कुलपति, चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं पौ. विश्वविद्यालय कानपुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए कृषि का विस्तार हो रहा है।कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों आय बढाने हेतु कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कृषि में ए.आई. के बढ़ते उपयोग पर भी चर्चा की। विशिष्ट अतिथि डा. यू.एस., गौतम, पूर्व उप महानिदेशक भाकृअनुप, नई दिल्ली ने कहा कि हमें फल भण्डारण एवं दुग्ध उत्पाद भण्डारण को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने केवीके के बढ़ते हुए महत्व को देखते हुए इनकी बढ़ोत्तरी किये जाने की बात कही। विशिष्ट अतिथि डा. आर.आर. बर्मन, सहायक महानिदेशक (कृ.प्र.), भाकृअनुप, नई दिल्ली वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। वर्चुअल माध्यम से उन्होंने भाकृअनुप की आगामी परियोजनाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों डा.एम पी. चचारकर, पूर्व निदेशक, डीआरडीओ; डा. रवि गोपाल सिंह, अन्तर्राष्ट्रीय सलाहकार, कृषि अनुसंधान एवं विकास एवं डा. अंजनी कुमार सिह, निदेशक, अटारी पटना ने अपने विचार रखे। स्वागत अभिभाषण में डा. राघवेन्द्र सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी नेअभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संस्थान को 19 मार्च 2009 को क्षेत्रीय समन्वयन इकाई से क्षेत्रीय परियोजना निदेशालय में परिवर्तित किया। संस्थान अटारी का 18वां संस्थान स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना की कार्यशाला भी आयोजित की गई।प्रदेश में इस परियोजना को चला रहे 23 कृषि विज्ञान केन्द्र प्रतिभाग किए ।इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पराली जलाने से रोकना है। साथ ही उन्होंने अटारी कानपुर के कार्यक्षेत्र उत्तर प्रदेश के 89 कृषि विज्ञान केन्द्रों की उपलब्धियों का भी विस्तार से उल्लेख किया। इस अवसर पर भाकृअनुप-अटारी, कानपुर के प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया साथ ही चार कृषि विज्ञान केन्द्रों, एफ.पी.ओ. एवं संस्थान के वैज्ञानिकों एवं कर्मिर्यों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डा. प्रीति यादव ने किया एवं कार्यक्रम के अन्त में प्रधान वैज्ञानिक डा. अजय कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।