बेतवा नदी सेतु दुर्घटना की जांच हेतु दो उच्चस्तरीय समितियां गठित, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई - जिलाधिकारी
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान (P-5 से P-6) के गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में जिलाधिकारी हमीरपुर अभिषेक गोयल ने बताया कि घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन तथा उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा पृथक-पृथक उच्चस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं, घटना से संबंधित सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। समिति के सदस्यों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलन का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा भी तकनीकी परीक्षण एवं विशेषज्ञ जांच हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानकों, निर्माण सामग्री तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की गहन समीक्षा करेगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त दुर्घटना के संबंध में थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं धारा 125(ए) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों, साक्ष्यों एवं दोनों जांच समितियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली आख्या के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना के लिए उत्तरदायी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि दुर्घटना में मृत छह श्रमिकों के परिजनों को शासन की ओर से ₹4-₹4 लाख की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य से संबंधित फर्म मैसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। श्रम विभाग की योजनाओं के अंतर्गत भी प्रत्येक पात्र परिवार को ₹1.25 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से भी आच्छादित किया जा रहा है। दो पात्र परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (रु 30000-30000) का लाभ प्रदान किया जा रहा है। स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी श्रीमती अनीता एवं स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से लाभान्वित किया गया है। वहीं स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी श्रीमती अनीता को निराश्रित महिला पेंशन से आच्छादित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय राजेश पाल की दो पुत्रियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा, जिसके तहत दोनों बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास, स्वच्छ शौचालय योजना तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने कहा कि जनपद प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। सभी पात्र परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा तथा घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।