जौं की प्रजाति के विकास हेतु वैज्ञानिक को मिला सम्मान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के वैज्ञानिकों द्वारा नवविकसित जौं की केबी 2031 (आजाद जौं 34) प्रजाति के विकास हेतु डॉक्टर विजय कुमार यादव को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें भारतीय गेहूं जौं अनुसंधान संस्थान करनाल एवं राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय (25 से 27 अगस्त 2025) 34वीं अखिल भारतीय गेहूं जौं अनुसंधान कार्यकर्ता सम्मेलन ग्वालियर मध्य प्रदेश में प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के महानिदेशक डॉक्टर एम एल जाट ने दिया है। डॉ विजय यादव ने बताया कि यह प्रजाति ऊसर भूमियों हेतु सहिष्णु है। तथा उसर भूमियों में जौं के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रजाति 134 दिनों में पककर तैयार हो जाती है।जिसके दाने सुडौल तथा 12% प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। उन्होंने बताया कि यह स्पॉट बीमारी की प्रति सहिष्णु है तथा उसर भूमियों में भी 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादन क्षमता देती है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉक्टर खलील खान ने बताया कि कुलपति डॉ आनंद कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर जौं की नवीन प्रजाति को विकसित करने वाली समस्त टीम के उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की हैं साथ ही आशा व्यक्त की है कि जलवायु अनुकूलन इस प्रजाति से जौं उत्पादन में आशातीत वृद्धि होगी।
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