कामता सेवा रत्न सम्मान से नवाजे जाएंगे समाज सेवा के अग्रदूत
U-12 जनवरी को युवा शक्ति को नई दिशा देगा कामता सेवा संस्थान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय कामता सेवा संस्थान का 18वां वार्षिकोत्सव आगामी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर हॉल में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने राम कृष्ण नगर स्थित संस्थान के कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
सर्वप्रथम प्रेस वार्ता का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर मल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष प्रख्यात पर्यावरणविद व राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुलिस पदक एवं सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित श्रीनारायण त्रिपाठी ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्र निर्माण, समाजसेवा एवं सकारात्मक सोच की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से युवा दिवस के रूप में संपन्न होगा। आपको बताते चलें कि श्रीनारायण त्रिपाठी वर्षों से निस्वार्थ भाव से प्रकृति की सेवा में लगे हुए हैं। हजारों वृक्षों का रोपण, प्रकृति के प्रति समर्पण भाव के साथ कामता सेवा संस्थान से जुड़े श्री नारायण त्रिपाठी द्वारा अब तक विभिन्न प्रजातियों के हजारों वृक्ष लगाए जा चुके हैं। इनमें लौंग, बादाम, आम सहित अनेक फलदार, औषधीय एवं छायादार वृक्ष शामिल हैं, ये वृक्ष न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों को फल, छाया और प्राकृतिक संतुलन भी प्रदान कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से वे लगातार लोगों और युवाओं को वृक्षों की देखभाल के लिए प्रेरित कर रहे हैं। श्रीनारायण त्रिपाठी द्वारा हरियाली से सुसज्जित विशाल आश्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन चुका है। आश्रम परिसर में विभिन्न प्रकार के वृक्ष, पौधे और प्राकृतिक हरियाली मौजूद है, जो इसे एक आदर्श पर्यावरण मॉडल बनाते हैं। यह आश्रम आज केवल एक आध्यात्मिक स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता का जीवंत उदाहरण है, यहाँ आने वाले युवाओं को प्रकृति से जुड़ने, उसके महत्व को समझने और संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है। आश्रम में स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक शांति का अनुभव हर व्यक्ति को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाता है। इस अवसर पर श्रीनारायण त्रिपाठी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपनाने का अर्थ है समाज, राष्ट्र और प्रकृति—तीनों की सेवा करना।”उन्होंने उपस्थित समस्त पत्रकारों व पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाएँ और उसकी रक्षा को अपना दायित्व समझें। संस्थान की राष्ट्रीय महामंत्री मंजू त्रिपाठी ने कहा कि जब तक नारी सशक्त नहीं होगी, तब तक समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। इसी सोच के साथ उन्होंने कामता सेवा संस्थान के माध्यम से महिला स्वावलंबन, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवा नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर निरंतर कार्य किया है। संस्थान के संगठन मंत्री एवं यूथ आइकॉन कैंसर सर्जन डॉ अरुण प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं, आज के युवाओं को नशामुक्त जीवन, नियमित स्वास्थ्य जांच और संतुलित जीवनशैली को अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल करियर तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझें। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संस्थान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी पुष्कर दीक्षित ने कहा कि युवा यदि सेवा और समर्पण के साथ आगे बढ़ें तो राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। संस्थान के संस्थापक अनूप किशोर त्रिपाठी ने बताया कि युवा दिवस के आयोजन में प्रमुख आमंत्रित वक्ता के रूप में सुदर्शन न्यूज के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके व राष्ट्र निर्माण विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ पवन आर्य अपने सारगर्भित विचारों और स्वामी जी के चिंतन से युवाओं को संदेश देंगे। कार्यक्रम में महानगर के सम्मानित जनप्रतिनिधियों द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 5 विशिष्ट हस्तियों को “कामता सेवा रत्न” से अलंकृत किया जाएगा। इसी क्रम में समाजसेवा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम करने वाले समाजसेवी सुरेश गुप्ता, नशामुक्ति के क्षेत्र में काम करने वाले लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड धारक ज्योति बाबा, चिकित्सा क्षेत्र में युवाओं के बीच लोकप्रिय युवा चिकित्सक डॉ. सक्षम पांडेय तथा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समर्पण के लिए कुमारी मुदिता मिश्रा, पत्रकारिता के क्षेत्र में सुरेन्द्र तिवारी को सम्मानित किया जाएगा। संस्थान के संरक्षक डॉ नरेंद्र द्विवेदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि भारत की चेतना और युवाओं की ऊर्जा के प्रतीक थे। उन्होंने विश्व मंच पर भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक शक्ति और राष्ट्रगौरव को स्थापित किया। उनके विचार आज के युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और लक्ष्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं। स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाओं को राष्ट्रसेवा और समाज उत्थान के लिए समर्पित रहने का संदेश देता है। यदि युवा उनके विचारों को अपने जीवन में उतार लें तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम नारायण त्रिपाठी ने संस्थान के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारा संस्थान शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के सर्वांगीण विकास एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह परिहार, टी पी सिंह, दिलीप मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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