सिविल इंजीनियरिंग छात्रों ने संभाली भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सिविल इंजीनियरिंग में बिल्डिंग भारत संपर्क इनोवेशन बूट कैंप का आयोजन हाल ही में आईआईटी कानपुर में किया गया। इस कार्यक्रम की परिकल्पना और नेतृत्व एसोसिएशन ऑफ़ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (भारत) द्वारा किया गया, जिसे जेएसडब्ल्यू ग्रुप के साथ साझेदारी में तथा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा मंथन मंच के अंतर्गत समर्थन प्राप्त हुआ। यह पहल राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें आईआईटी कानपुर अकादमिक भागीदार के रूप में रहा।आईआईटी कानपुर में आयोजित यह संस्करण बिल्डिंग भारत संपर्क श्रृंखला का दूसरा अध्याय है, जो आईआईटी गांधीनगर में आयोजित इसके उद्घाटन कार्यक्रम के बाद आयोजित किया गया। यह बूट कैंप सिविल इंजीनियरिंग छात्रों के बीच संरचित उद्योग–अकादमिक सहयोग के माध्यम से नवाचार क्षमता को मजबूत बनाने के लिए समर्पित है।इस पहल के उद्देश्य पर बात करते हुए, डॉ. राजनीश दासगुप्ता, ट्रस्टी और महा निदेशक, एसोसिएशन ऑफ़ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (भारत) और नेशनल डायरेक्टर, बिल्डिंग भारत संपर्क ने कहा, “बिल्डिंग भारत संपर्क को एक राष्ट्रीय क्रांति के रूप में देखा गया है, जो यह पुनः परिभाषित करता है कि सिविल इंजीनियरों को भारत के भविष्य के लिए कैसे तैयार किया जाता है। यह अलग-अलग आयोजनों के बारे में नहीं है, बल्कि एक सतत मंच बनाने के बारे में है जो सोच को आकार दे, क्षमता को सशक्त करे और देश के प्रति बड़ी ज़िम्मेदारी की भावना को मन में बैठाए। आज हम जो देखते हैं, वह एक ऐसी युवा इंजीनियर पीढ़ी है, जो उद्देश्य और विश्वास के साथ योगदान देने के लिए उत्सुक हैऔर यह पहल उस इरादे को भारत के लिए सार्थक और दीर्घकालिक प्रभाव में बदलने के लिए अस्तित्व में है।”अकादमी–उद्योग सहयोग के महत्व और इस अंतर को कम करने वाले मंच के रूप में आईआईटी कानपुर की भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर ने कहा, “शिक्षा संस्थानों एवं उद्योगों के सामंजस्य के महत्व तथा इनके अंतर को कम करने वाले मंच के रूप में आईआईटी कानपुर की भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर ने कहा, “सिविल इंजीनियरिंग राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला है, तथा भविष्य के इंजीनियरों को तैयार करने के लिए कक्षा की सीमाओं से कहीं आगे जाकर अनुभव करना आवश्यक है। आईआईटी कानपुर को बिल्डिंग भारत संपर्क इनोवेशन बूट कैंप जैसे मंचों की मेजबानी करने पर गर्व है, जो छात्रों, शिक्षा संस्थानों और उद्योग के बीच सार्थक सहभागिता स्थापित करते हैं। ऐसी पहलें युवा इंजीनियरों को व्यावहारिक निर्णय और बड़े पैमाने पर ज़िम्मेदारी के साथ नवाचार करने की क्षमता विकसित करने में मदद करती हैं।
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