पीएसआईटी में तोड़फोड़-बवाल के बाद पुुलिस के लाठीचार्ज से भगदड़, दर्जनों छात्र-छात्रायेें घायल
- डीसीपी ने संभाला मामला, स्टूडेंट्स की सभी मांगे मानी कालेज प्रबंधन ने, कालेज बंद
- स्टूडेंट की मौत की जांच व मुआवजे, बेजा जुुर्माने खत्म करने, कॉलेज टाईमिंग बदलने जैसी मांगे शामिल
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शनिवार को सचेंडी में हाईवे स्थित पीएसआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में डंपर से टकराकर बीसीए फाईनल के छात्र प्रखर सिंह की दर्दनाक मौत के बाद आक्रोशित स्टूडेंट्स ने बुधवार को भी जमकर बवाल काटा। ढाई से तीन हजार स्टूडेंट्स का हुजूम मंगलवार की तरह, बुधवार सुबह भी कॉलेज गेट पर नारेबाजी कर रहा था। आरोप था कि कालेज में हर वक्त निर्माण कार्य होता रहता है। प्रबंधन सुरक्षा मानक पूरे नहीं करता इसी से छह माह पूर्व भी हादेस में मौत हुई थी। कॉलेज के गार्ड और स्टाफ ने कथित तौर पर स्टूडेंट्स के साथ अभद्रता और धक्कामुक्की कर दी, इससे ओर अधिक भड़के छात्र-छात्राओं का हुजूम गेट के अंदर घुस गया। गुस्साये स्टूडेंट्स ने ‘‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाते हुयेे कॉलेज में जमकर तोड़फोड़ कर डाली। पहले तो बाहर गमले तोड़कर क्यारियां उजाड़ीं, फिर कई कमरों और ऑफिसों के शीशे, गेट, मेज, कुर्सियां तोड़कर चकनाचूर कर दिये। कॉलेज प्रबंधन ने घबराहट में पुलिस कोे फोन कर दिया। सचेंडी थाने की फोर्स स्टूडेंट्स के हुजूम को रोकने में कामयाब नहीं हुई तो पनकी, कल्याणपुर आदि सात-आठ थानों की फोर्स, फायर ब्रिगेड और पीएसी तक पहुंच गई। इतने में फोर्स के साथ पहुंचे एसीपी ने स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज करवा दिया। इससे मची भीषण भगदड़ में कई स्टूडेंट्स चोटिल हुये, कपड़े तक फट गये। कई छात्राओं तक को लाठियां पड़ गई। बाद में डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी ने स्टूडेंटृस की मांगे मनवाकर तुरंत मामला संभाल लिया। कॉलेज में 8 मार्च तक की छुट्टी करके स्टूडेंट्स को घर और हॉस्टल भेज दिया गया।बताया जा रहा है कि इन हजारों स्टूडेंट्स का गुस्सा यूं ही नहीं भड़का। ये कॉलेज प्रशासन में लंबे समयय से चली आ रही बदइंतजामियों, जबरन जुर्माना आदि की रकम वसूली, पारदर्शिता नहीं होने जैसी विक विकृतियों का जितना है। स्टूडेंट्स का आरोप है कि नारेबाजी कर रहे स्टूडेंट्स को जबरन धकियाकर बाहर कर रहे पुलिसकर्मियों ने झड़प की। विरोध पर वहां मौजूद तीन-तीन एसीपी में से एसीपी रंजीत कुमार पर आरोप है कि उन्होंने स्टूडेंट्स को अचानक दौड़ा-दोड़कर लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। छात्राओं को भी नहीं बक्शा गया और आरोप है कि कई लड़कियों को भी पुलिस के लाठीचार्ज में चोटें आई हैं। दर्जनों स्टूडेंट्स गिरकर चोटिल हुये तो कई के झड़प में कपड़े ही फट गये हैं।
जानकारों के अनुसार कालेज प्रशासन द्वारा छात्र के एक्सीडेंट को कॉलेज कैंपस से बाहर का मामला बताकर पल्ला झाड़ने के प्रयास से मामला और भी बिगड़ा। बाद में जब डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी एडीसीपी आदि अधिकारियों संग कॉलेज पहुंचे तो उन्होेंने छात्रों और मैनेजमेंट से बातचीत करके तुरंत ही स्टूडेंट्स की मांगे मनवा लीं। फिर स्टूडेंट्स की मांग पर कॉलेज प्रबंधन ने लिखित में भी मांगे स्वीकार कीं। मांगों में छात्र प्रख ककी मौत के जिम्मेदार सुरखा कर्मियों और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई, कॉलेज आईमिंग बदलने, बेजा जुमाने नहीं वसूलने, लेट होने पर केवल उसी पीरियड में अबसेंट करने जैसी मांगे शामिल थीं। इस दौरान एसडीएम सदर अभिनव सिंह भी कॉलेज में मौजूद रहे।