आईसीएआर-अटारी, तृतीय में ‘किसान सारथी 2.0’ पर जागरूकता पर कार्यशाला
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | आईसीएआर-अटारी (कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान), जोन-तृतीय में ‘किसान सारथी 2.0’ पर एक दिवसीय “जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला” का आयोजन भाकृअनुप-भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों को किसान सारथी प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग हेतु तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंतर्गत अब पंजीकृत किसानों के साथ-साथ अपंजीकृत किसान भी कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं किसान कॉल सेंटर से सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म कॉल सेंटर, मोबाइल एप एवं वेब-आधारित प्रणाली के माध्यम से किसानों एवं वैज्ञानिकों के बीच वास्तविक समय (रियल-टाइम) संवाद स्थापित करता है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं निदेशक, अटारी, कानपुर द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डा. संजय सिंह, महानिदेशक, उपकार ने कृषि में डिजिटल तकनीकों पर किसानों की आय एवं उत्पादकता में वृद्धि संभव है। विशिष्ट अतिथि रमेश कुमार सिंह, संस्थापक अध्यक्ष, केवीके उन्नाव ने अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा करते हुए समय पर विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता पर बल दिया। डा. अनिल कुमार राय, सहायक महानिदेशक (आईसीटी), भाकृअनुप, नई दिल्ली वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में किसान सारथी के महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। डा. आर.आर. बर्मन, सहायक महानिदेशक (कृषि प्रसार), भाकृअनुप, नई दिल्ली ने भी वर्चुअल माध्यम से कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार हेतु लघु वीडियो निर्माण एवं टेक्स्ट-टू-स्पीच कॉलिंग प्रणाली के महत्व पर बल दिया।विशिष्ट अतिथि डा. जी.पी. दीक्षित, निदेशक, आईसीएआर-
आईआईपीआर ने दलहन उत्पादन में आईसीटी आधारित सेवाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्थान विशेष एवं समयानुकूल डिजिटल परामर्श से किसानों की निर्णय क्षमता एवं लाभ में वृद्धि होती है। डा. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक प्रसार सीएसए, डा. के.के. चतुर्वेदी, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीटी इकाई, आईसीएआर, नई दिल्ली ने किसान सारथी मंच के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। स्वागत अभिभाषण में डा. राघवेन्द्र सिंह ने आधुनिक कृषि में डिजिटल विस्तार उपकरणों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। देशभर में 2.88 करोड़ से अधिक किसान एवं प्रदेश मे 89 कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा 60 लाख से अधिक किसान इस मंच से जुड़े हैं। तकनीकी सत्रों में किसान सारथी मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग का प्रदर्शन किया गया। इन सत्रों का संचालन किसान सारथी टीम ने डा. सीमा यादव, नोडल अधिकारी, किसान सारथी, उत्तर प्रदेश के समन्वयन में किया गया। कार्यक्रम के अंत में डा. अजय कुमार सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, अटारी कानपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।