चार नए लेबर कोड के विरोध में ओईएफ मुख्य द्वार पर प्रदर्शन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | केंद्र सरकार द्वारा संशोधित चार नए लेबर कोड बुधवार 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो गए। जिसके विरोध में पूरे देश में सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने बुधवार को अपने-अपने औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और मुख्यालय स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। जिसका असर रक्षा प्रतिष्ठानों में भी देखने को मिला। आरएसएस के अनुषांगिक संगठन बीएमएस को छोड़कर सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने विरोध- प्रदर्शन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। मजदूर विरोधी चार नए लेबर कोड लागू किये जाने के विरोध में राष्ट्रीय सुरक्षा कर्मचारी महासंघ के आह्वाहन पर किला मजदूर यूनियन ने महामंत्री समीर बाजपेई के नेतृत्व में एआईडीईएफ से संबद्ध एच.एंड.एस. फैक्ट्री इम्प्लाइज यूनियन के साथ संयुक्त रूप से आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ ) फूलबाग कानपुर के मुख्य द्वार पर सभी कर्मचारियों को काला फीता बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में आरएसएस का मजदूर संगठन बीपीएमएस शामिल नहीं रहा। कर्मचारियों ने चारों श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी बताते हुए वापस लिए जाने की मांग की। पुरानी पेंशन योजना की बहाली और आयुध निर्माणियों का निगमीकरण रद्द करने को लेकर भी नारेबाजी की गई। इस दौरान किला मजदूर यूनियन के महामंत्री समीर बाजपेई ने कहा कि चार नए लेबर कोड लागू किये जाने से नौकरी की सुरक्षा, यूनियन अधिकार और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। नए लेबर कोड के मुताबिक 300 तक कर्मचारियों वाली कंपनियों को छंटनी या बंद करने के लिए सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 किए जा सकते हैं। स्थायी नौकरियों की जगह अनुबंध और निश्चित अवधि के रोजगार को बढ़ावा मिलने की आशंका है। यूनियन बनाने और हड़ताल करने की प्रक्रिया को अधिक कठिन और प्रतिबंधित बना दिया गया है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से किला मजदूर यूनियन के महामंत्री समीर बाजपेई, संयुक्त मंत्री ब्रजेश तिवारी, मिथिलेश प्रसाद, मोहित कुमार, विजय पाल, एलपीसी सदस्य नीरज सिंह, सियाराम, सतीश कुमार,इम्प्लाइज यूनियन के महामंत्री शिवम उपाध्याय, उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह, प्रदीप कुमार, रवि द्विवेदी, सुनील यादव, अखिलेश सिंह चौहान, नदीम, जाकिर, दीपक गोंड, कमलापति पटेल, सोमवीर यादव,गुलाब सिंह आदि मौजूद रहे।
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