समन्वय से रायसेन कृषि महोत्सव में प्रदेश के पद्मश्री कृषकों ने दिया व्याख्यान
-किसानों ने सीखी आधुनिक तकनीक
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | आईसीएआर अटारी जोन 3 कानपुर के निदेशक डॉक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद रायसेन के दशहरा मैदान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया। इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी उपस्थित रहे।महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लैब टू लैंड विजन के तहत आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और सरकारी योजनाओं को सीधे किसानों तक पहुँचाना है, ताकि खेती को और अधिक लाभप्रद बनाया जा सके आईसीएआर-अटारी कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह और वैज्ञानिक डॉ. सीमा यादव के कुशल समन्वय से उत्तर प्रदेश के अनेक किसानों ने इस महोत्सव में प्रतिभाग किया। जिसमें उत्तर प्रदेश के पद्मश्री किसानों एवं अन्य प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग कर महोत्सव के अन्तर्गत कृषक कार्यशालाओं में व्याख्यान भी दिया। साथ ही दीन दयाल शोध संस्थान-कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां, चित्रकूट के 50 से अधिक प्रगतिशील किसानों के एक दल ने इस मेले में प्रतिभाग किया। ये सभी किसान चित्रकूट के निकरा (नेशनल इनिशिएटिव ऑन क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर) परियोजना के गांवों (रमपुरवा एवं बैहार) से जुड़े हैं। केवीके अध्यक्ष डा. राजेन्द्र नेगी एवं एसआरएफ निकरा डा. सतीश पाठक के सहयोग में इन समस्त किसानों ने मेले में लगे स्टालों के माध्यम से जलवायु अनुकूल खेती, कृषि ड्रोन का उपयोग, जैविक खेती के नवीन मॉडल और सौर ऊर्जा चालित आधुनिक यंत्रों की विस्तृत जानकारी ली। निदेशक अटारी डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि अटारी कानपुर का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश के किसानों को ऐसे राष्ट्रीय मंचों से जोड़ा जाए ताकि वे नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह महोत्सव एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा, जहाँ उन्होंने खेती की लागत घटाने और कृषि विविधीकरण की बारीकियों को समझा।