गर्मी का ‘महा-रिकॉर्ड’ टूटने के आसार, 40 डिग्री पार होगा पारा; बारिश होगी अनियमित
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। मौसम का मिजाज रिकॉर्ड गर्मी के संकेत दे रहा है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो प्रभाव के सक्रिय होने से मानसून के अनियमित होने का अनुमान है। आसमान साफ होने के साथ माहौल में नमी का प्रतिशत घटने से धूप के तेवर तल्ख हो गए हैं। सात दिन में अधिकतम पारा 10.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो मानसूनी हवाओं को कमजोर कर देता है। इससे औसत बारिश के साथ सूखे का सामना करना पड़ सकता है। इस सप्ताह अधिकतम तापमान 40 डिग्री पार कर सकता है। मौसम प्रणालियां खत्म हो गई हैं और हवाओं की गति कम हो गई है। इसके साथ ही हवाओं का रुख बदलेगा। राजस्थान के थार मरुस्थल से आने वाली हवाओं के साथ गर्मी तेज होती जाएगी। इस बार पारा रिकॉर्ड उछाल मार सकता है। माहौल में नमी का प्रतिशत घटने से हवाएं गर्म होकर लू में तब्दील हो जाएंगी। मौसम चक्र अनियमित हो रहा है। इसका चौतरफा असर आएगा। बारिश पॉकेट्स में होगी। कई क्षेत्रों में बारिश बहुत कम होगी। कहीं सामान्य से अधिक बारिश होगी और फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी रहेगी। इसका असर फसल चक्र पर पड़ेगा। अल नीनो एक जलवायु घटना है। प्रशांत महासागर की सतह असामान्य रूप से गर्म होने के कारण यह होती है। यह घटना दो से सात साल में एक बार घटित होती है। इसका प्रभाव नौ से 12 महीने तक बना रहता है। सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार दोपहर माहौल में नमी का प्रतिशत 14 रहा। सुबह नमी का प्रतिशत 56 रिकॉर्ड किया गया। 24 घंटे में दोपहर की नमी में दो फीसदी की कमी आई है। आसमान साफ रहने के कारण धूप अधिक सख्त हो गई।