परशुराम जयंती पर गंगा किनारे 101 बटुकों ने धारण किया जनेऊ, वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा तट
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। परशुराम जयंती पर रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। "जय परशुराम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा और वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर आयोजित यज्ञोपवीत संस्कार कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें विद्वान आचार्यों के सानिध्य में 101 बटुकों का विधिवत जनेऊ संस्कार संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बटुकों को यज्ञोपवीत धारण कराया गया और उन्हें गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई। इस पावन अनुष्ठान को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। अभिभावकों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम संस्कार की कामना करते हुए पूरे उत्साह से सहभागिता की।
मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि चाणक्य वंशज सेवा समिति के तत्वावधान में अक्षय तृतीया के अवसर पर पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें क्षेत्र और आसपास के गांवों से श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि सायंकाल सुंदरकांड का पाठ और भव्य आरती का आयोजन होगा, जिसमें भगवान परशुराम और गंगा मैया की विधिवत आराधना की जाएगी।