ओवरलोड अभियान में 257 वाहनो के हुए चालान, 100 सीज व 49 लाख का किया जुर्माना
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। ओवरलोड बंद होने का नाम ही नही ले रहा है। खनन विभाग भी अपनी चुप्प्पी साधे बैठा हुआ है। ओवरलोड के खिलाफ शासन ने दिशा निर्देश जारी कर 25 अप्रैल से 10 मई,2026 तक विशेष अभियान चला कर ओवरलोड पूरी तरह से बंद करने का निर्देश जारी किया है। निर्देश के तहत कानपुर आरटीओ प्रवर्तन अधिकारियों ने अभियान को शुरू कर दिया और 25 से 29 अ्रपैल,2026 तक चले अभियान में 257 ओवरलोड वाहनो का चालान कर 49.15 लाख का जुर्माना लगाया गया।
मण्डल आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवर्तन अधिकारियों की टीम बना कर उन्हें अभियान में लगा दिया गया है। इन बीते पांच दिनो में 257 ओवरलोड वाहनो का चालान, 100 वाहनो पर सीज की कार्यवाही, अवैध बॉडी व अल्ट्रेशन के मामले में 74 वाहनो पर कार्यवाही की गई तथा 49.15 लाख का राजस्व भी एकत्र किया गया। उन्होंने बताया कि अगर जहां से खनन कर वाहनो को लोड किया जाता है, वहीं पर खनन विभाग द्वारा ओवरलोडिंग पर कार्यवही कर दी जाये तो सड़को पर ओवरलोड वाहन नही चलेंगे। हांलकि प्रवर्तन विभाग का दावा है कि लगतार अभियान चला कर सड़को पर ओवरलोड वाहनो में कमी लायी जा रही है।
ओवरलोडिंग के नुकसान
ओवरलोड गाड़ियों से सड़कों की बर्बादी, सड़क की ऊपरी सतह और नींव को तेजी से खराब करती हैं, जिससे गड्ढे बन जाते हैं। इसके साथ ही दुर्घटना का खतरा, भारी वजन के कारण ब्रेक फेल होने, टायर फटने और गाड़ी पलटने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
नए सख्त नियम 15 अप्रैल 2026 से लागू
मण्डल आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि उ.प्र. सरकार ने ओवरलोडिंग रोकने के लिए अब नियमों को और कड़ा कर दिया है। ओवरलोडिंग पर अब भारी जुर्माने का प्रावधान है (जैसे 10 फीसदी से 40 फीसदी अतिरिक्त भार पर बेस रेट का 2 गुना और 40 फीसदी से अधिक होने पर 4 गुना शुल्क लगाया जायेगा। “वाहन” पोर्टल के जरिए डिजिटल ट्रैकिंग हो रही है, जिससे बार-बार नियम तोड़ने वालों को आसानी से पकड़ा जा रहा है।
ओवरलोड के मुख्य इलाके
कानपुर में सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग घाटमपुर, बिल्हौर, हमीरपुर रोड और कल्यानपुर-पनकी जैसे औद्योगिक और खनन वाले रास्तों पर देखी जा सकती है। यहाँ से मौरंग, गिट्टी और निर्माण सामग्री लेकर आने वाले ट्रक अक्सर मानकों का उल्लंघन करते हैं। घाटमपुर, हमीरपुर और बुंदेलखंड से आने वाले मौरंग (रेत) और गिट्टी के ट्रकों के लिए प्रवेश द्वार है। खनन क्षेत्रों से निकलने वाले ट्रक अक्सर अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में अपनी क्षमता से 20 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अधिक माल लाद लेते हैं।