संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत किया व्यापक निरीक्षण
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम हेतु जनपद में सतत गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज ब्लॉक सरसौल के ग्राम हाथीपुर में जिला मलेरिया अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह, डॉ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह (ए.डी. ऑफिस, कानपुर मंडल), वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक श्री प्रशान्त कुमार वर्मा एवं आई.एफ.डब्ल्यू. श्री अरविन्द कुमार द्वारा संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने ग्राम हाथीपुर में संचालित दस्तक एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत घर-घर चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान वीसीपीएम रूबी जहां, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शशि द्विवेदी एवं आशा संगिनी रवीला अवस्थी मौके पर उपस्थित रहीं। टीम द्वारा ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई तथा अभियान के अंतर्गत चिन्हित 12 प्रमुख रोगों के प्रति जागरूक किया गया।भ्रमण के दौरान क्षेत्रीय निवासी मजीद में खांसी एवं जुखाम के लक्षण पाए जाने पर उन्हें तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी गई। वहीं मेवालाल के घर की छत पर रखे जल-पात्रों का निरीक्षण कर मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।टीम द्वारा राम कुमार तिवारी एवं अरविन्द कुमार के परिवार से भी संवाद किया गया, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं की गतिविधियों, आभा आईडी एवं आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा की गई। निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित परिवार अभी आयुष्मान योजना की पात्रता में नहीं है।अभियान के अंतर्गत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्र में पंपलेट चस्पा कर एवं वितरित कर जनजागरूकता का कार्य किया जा रहा है, जिसका निरीक्षण भी टीम द्वारा किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम पर चर्चा की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।निरीक्षण के दौरान कुल 45 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें कोई भी घर पॉजिटिव नहीं पाया गया। साथ ही 241 जल-पात्रों की जांच की गई, जिनमें कहीं भी मच्छर लार्वा नहीं मिला। टीम द्वारा 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को विशेष रूप से जागरूक करते हुए उन्हें जल जमाव रोकने एवं स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।निरीक्षण में यह भी पाया गया कि ग्राम में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई एवं पंचायत स्तर पर माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य किया जा रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को पशु बाड़े आबादी से दूर रखने के निर्देश दिए गए, जबकि कृषि रक्षा विभाग द्वारा स्क्रब टाइफस जैसे रोगों के प्रति जागरूक किया गया।शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, इंडोर स्पेस स्प्रे, लार्वानाशक छिड़काव एवं एंटोमोलॉजिकल सर्वेक्षण नियमित रूप से कराया जा रहा है। साथ ही लोगों को जलभराव न होने देने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने, आवश्यकतानुसार केरोसिन/जले मोबिल ऑयल के प्रयोग तथा मच्छररोधी क्रीम व पूरे शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनने की सलाह दी गई।
जनमानस से अपील की गई है कि संचारी रोगों से संबंधित किसी भी सूचना के लिए यूएचएम चिकित्सालय, परेड स्थित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2333810 एवं 9335301096 अथवा नगर निगम कंट्रोल रूम के नंबर 0512-2526004, 2526005 पर संपर्क करें। सूचना प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।