कानपुर को स्वस्थ और खुशहाल बनाने के लिए 'सिटी हेल्थ एक्शन प्लान' का आगाज़ |
-बहु-विभागीय समन्वय से तैयार होगा अनूठा मॉडल |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | शहर कानपुर को एक स्वस्थ और रोग-मुक्त शहर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन और JSI (जॉन स्नो इंडिया) के सहयोग से एक भव्य 'को-क्रिएशन वर्कशॉप' का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एक समावेशी 'सिटी हेल्थ एक्शन प्लान' तैयार करना है। बहु-हितधारक भागीदारी और अनूठा मॉडल- यह मॉडल अपनी तरह का एक अनूठा प्रयास है जिसे जेएसआई के तकनीकी सहयोग से तैयार किया जा रहा है। इसमें विभिन्न विभागों के ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, मध्यम स्तर के अधिकारियों और उच्च अधिकारियों ने एक साथ बैठकर कार्य कलाप को सह-डिज़ाइन किया है। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के तत्वधान में नगर निगम , स्थानीय निकायों, बेसिक शिक्षा विभाग, (आंगनवाड़ी) तथा समाज कल्याण विभाग के उच्च अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी का संबोधन: जवाबदेही और प्रदर्शन पर ज़ोर -कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 'सिटी हेल्थ प्लान' की अवधारणा को अन्य सभी हितधारकों, विशेष रूप से नगर निगम के 6 -जोनल अधिकारियों के सक्रिय सहयोग से धरातल पर उतारा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया की योजना के तहत तय किए गए संकेतकों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों और ज़ोन को सम्मानित किया जाएगा, जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों के खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। प्रत्येक विभाग से नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे जो समय सीमा के भीतर गतिविधियों की डिलीवरी सुनिश्चित करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी का मार्गदर्शन सीडीओ अभिनव जे. जैन ने विभिन्न समूहों के साथ चर्चा में भाग लिया और उन्हें मापने योग्य संकेतकों तथा अन्य विभागों के सहयोग से की जाने वाली गतिविधियों व उप-गतिविधियों को विकसित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। विशेषज्ञों के विचार और भावी रणनीति कार्यशाला की शुरुआत में जेएसआई की प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. आयुषी और स्टेट टीम लीड डॉ. आशीष मौर्य ने इस अवधारणा का परिचय दिया और बताया कि कैसे 13 विभागों को 4 मुख्य घटकों—टीबी उन्मूलन, टीकाकरण, वेक्टर जनित रोग और गैर-संचारी रोग —के लिए एकीकृत किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरि दत्त नेमी ने चर्चा का नेतृत्व करते हुए बहु-हितधारक जुड़ाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने 'एनीमिया मुक्त भारत' और 'वीएबी' रूपांतरण जैसी पिछली सफल गतिविधियों का उदाहरण देते हुए कहा कि एकीकृत प्रयास ही शहर की स्वास्थ्य चुनौतियों, जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों में बढ़ते डेंगू और मलेरिया के मामलों से निपटने का एकमात्र रास्ता हैं कार्यशाला के मुख्य बिंदु: चार फोकस क्षेत्र: टीबी उन्मूलन, पूर्ण टीकाकरण, वेक्टर एवं जल जनित रोग और गैर-संचारी रोग | डिजिटल डैशबोर्ड: वास्तविक समय की निगरानी के लिए रेड, येलो और ग्रीन फ्लैग आधारित डैशबोर्ड का उपयोग किया जाएगा।चुनौतियाँ: कानपुर की 39 लाख शहरी आबादी, विशेषकर 5 लाख झुग्गी निवासियों और उच्च जोखिम वाले समूहों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना।
इस कार्यशाला के माध्यम से तैयार किया गया 'सिटी हेल्थ एक्शन प्लान' कानपुर को उत्तर प्रदेश में शहरी स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित करेगा।