एआई के प्रचार-प्रसार में कृषि विश्वविद्यालय की भूमिका
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के कुलपति डॉक्टर संजीव गुप्ता के निर्देशन में कृषि अभियंत्रण संकाय, इटावा के पूर्व अधिष्ठाता एवं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर एन. के. शर्मा द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति एक वृहद जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इटावा के सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर डॉक्टर कैलाश यादव के निमंत्रण पर डॉक्टर शर्मा मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में पुलिस मॉडर्न स्कूल पहुंचे। वहाँ उन्होंने स्कूल के शिक्षकों को 'क्रिटिकल थिंकिंग इन एआई टेक्नोलॉजी' ए आई तकनीक में आलोचनात्मक चिंतन विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।अपने संबोधन में डॉ. शर्मा ने शिक्षकों को एआई के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने 'आलोचनात्मक चिंतन' के महत्व पर जोर देते हुए कहा: "शिक्षकों को AI के माध्यम से प्राप्त होने वाली किसी भी सूचना की सत्यता और उपयोगिता का मूल्यांकन स्वयं करना चाहिए। यदि हमारे शिक्षकों में क्रिटिकल थिंकिंग की क्षमता होगी, तभी वे एआई द्वारा दी गई जानकारी का सही और सकारात्मक उपयोग कर पाएंगे।"डॉ. शर्मा ने अपने प्रस्तुतीकरण के जरिए बताया कि आलोचनात्मक चिंतन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता दोनों ही आधुनिक समाज के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने समाज में प्रगति, नवाचार और बेहतर निर्णय लेने के लिए एआई के साथ-साथ सोच को भी विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि तकनीक को अपनाए बिना ‘विकसित भारत 2047’ की कल्पना अधूरी है। समय के साथ तकनीक को अपनाना और खुद में बदलाव लाना बेहद जरूरी है। इस दौरान उन्होंने एआई से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों और उनके समाधानों पर भी विस्तार से चर्चा की।
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