परिवहन विभाग सख्त: 11 हजार से अधिक टैक्स बकाएदारों को नोटिस,₹88 करोड़ की होगी वसूली- 88 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया, परिवहन विभाग ने वसूली अभियान किया तेज।
- 18,341 बकाएदार वाहनों में से 11,632 वाहन स्वामियों को भेजा गया नोटिस।
- असुविधा से बचने के लिए वाहन स्वामियों से ऑनलाइन टैक्स जमा करने की अपील
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में कानपुर संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) ने कई वर्षों से टैक्स न जमा करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। विभाग ने बकाएदारों की सूची तैयार कर वसूली की कवायद तेज कर दी है।एआरटीओ (प्रशासन) आलोक कुमार सिंह ने बताया कि कमर्शियल और निजी वाहनों की सूची बनाकर संबंधित बाबुओं को सौंप दी गई है। विभाग के कर्मचारी श्सारथी/वाहनश् पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबरों के माध्यम से वाहन स्वामियों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उनसे टैक्स जमा कराया जा सके और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण भी किया जा सके। एआरटीओ प्रशासन के मुताबिक, नगर में विभिन्न वाहनों पर लगभग 88 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। कुल चिन्हित 18,341 बकाएदार वाहनों में से 11,632 वाहन स्वामियों को 18 जून, 2026 तक नोटिस जारी कर दिए गए हैं।- ऑनलाइन भुगतान की अपीलएआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे आरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने की बजाय सीधे ऑनलाइन माध्यम से अपना टैक्स जमा करें।इसके साथ ही, प्रवर्तन दल को भी बकाएदार वाहनों की सूची सौंप दी गई है। टैक्स जमा किए बिना सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ जब्ती और चालान की सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि नोटिस मिलने के बाद कई वाहन स्वामियों ने अपना बकाया टैक्स जमा करना शुरू कर दिया है। वहीं छोटे से बड़े बकाएदारों के लिए 3 श्रेणियां बनाई गई है जो टैक्स वसूली को व्यवस्थित करने के लिए परिवहन विभाग ने बकाएदारों को राशि के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया जिसमें पहली श्रेणी 0 से 25 हजार तक है , दूसरी श्रेणी 25 से 50 से तक की और तीसरी श्रेणी 50 हजार से लेकर एक लाख या उसके ऊपर के बकाएदार है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पहले वर्तमान में बकाया टैक्स को वसूलना है उसके बाद पीछे चले आ रहे बकाए को भी जमा कराया जाएगा।