गोष्ठी के जरिए चलाया जन जागरुकता अभियान |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित एक वैज्ञानिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव तथा एंडोमेट्रियोसिस के आधुनिक निदान एवं उपचार विकल्पों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम मिश्रा ने "प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव भारत में मातृ मृत्यु के लगभग 10 प्रतिशत मामलों का प्रमुख कारण" विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद होने वाला अत्यधिक रक्तस्राव मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। समय पर पहचान, प्रशिक्षित चिकित्सा टीम, पर्याप्त रक्त उपलब्धता तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से अधिकांश मामलों में मातृ मृत्यु को रोका जा सकता है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच एवं संस्थागत प्रसव के महत्व पर भी बल दिया।द्वितीय सत्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीना गुप्ता ने "एंडोमेट्रियोसिस के निदान हेतु अत्याधुनिक औषधियों एवं नवीन उपचार विकल्पों पर विचार" विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में होने वाली एक जटिल एवं दीर्घकालिक बीमारी है, जिसके कारण तीव्र दर्द, मासिक धर्म संबंधी समस्याएं तथा बांझपन जैसी कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं। गोष्टी में डॉ मीरा अग्निहोत्री मुख्य संरक्षिका, डॉ. नीलम मिश्रा अध्यक्ष, डॉ. किरन सिन्हा सचिव, डॉ. कमल धवन, डॉ. किरण पांडे, डॉ. संगीता आर्य, डॉ. रेशमा निगम, डॉ. रीना मट्टू, डॉ. शीला शर्मा, डॉ. रीता मित्तल, डॉ. रेनू गुप्ता, डॉ. कल्पना दीक्षित, डॉ. कंचन शर्मा व संस्था के लगभग 80 डाक्टर उपस्थित रहेंगी। संचालन डाक्टर डॉ. डॉ. किरन सिन्हा व डॉ. राशि मिश्रा के द्वारा किया गया।
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