कर्मचारी कल्याण समन्वय समिति के संचालक मंडल की हुई बैठक
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | केंद्र, राज्य एवं अन्य सभी वर्गों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए संघर्षरत कर्मचारी कल्याण समन्वय समिति के संचालक मंडल की नियमित बैठक कल समिति के अध्यक्ष का0 रजनीश गुप्ता जी की अध्यक्षता में स्थान कार्यालय संयुक्त आयकर आयुक्त (आडिट), प्रथम तल, सी0 टी0 ओ0 भवन, बी.एस.एन.एल. बिल्डिंग, माल रोड, कानपुर में सम्पन्न हुई।जिसमें सर्वप्रथम गत 09 दिसंबर, 2025 को हुई बैठक कार्यवाही को स्वीकृति प्रदान की गई। उसके बाद गत वर्ष 2025-26 अर्थात 01.0अप्रैल.2025 से 31.0मार्च.2026 तक की संस्था की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट एवं आय व्यय के विवरण का अनुमोदन करके उसे स्वीकृति प्रदान की गयी।इसके बाद संस्था की नियमावली में संशोधन हेतु गठित उपसमिति की रिपोर्ट पर विस्तृत विचार विमर्श करके उनकी अनुशंसा की गई अंतिम प्रस्तावित आवश्यक संशोधनों को अगली आमसभा में अनुमोदन/पारित करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। यह भी बताया गया कि समन्वय समिति द्वारा बजट 2026 हेतु वित्त मंत्री भारत सरकार को तथा आठवें वेतन आयोग को पोर्टल पर सुझाव भी ऑनलाइन भेजे जा चुके हैं. नए सदस्यों की स्वीकृति के अलावा समिति के अध्यक्ष रजनीश गुप्ता जी को आल इंडिया बैंक कर्मचारी संघ में दोबारा राष्ट्रीय संयुक्त सचिव चुने जाने तथा समिति के आजीवन सदस्य अनिल बाजपेई जी को बीमा अधिकारी संघ में राष्ट्रीय संयुक्त सचिव चुने जाने पर बधाई देते हुए स्वागत भी किया गया. इसके अलावा संस्था से संबद्ध संघो की प्रमुख मांगों पर विचार-विमर्श एवं उनके लिए संघर्ष की रूपरेखा निर्धारित की गई। नई पेंशन योजना अर्थात एनपीएस या यूपीएस (एकीकृत पेंशन योजना) को खारिज कर पुरानी पेंशन योजना को ही लागू किया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा सभी रिक्त पदों पर तत्काल स्थाई नियुक्ति की जाय तथा आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियोजित संविदा तथा स्कीम वर्कर्स को श्रम कानूनों के तहत पूर्ण वेतन पर नियमित और स्थाई नियुक्ति दी जाए।मृतक आश्रति के रिक्त पदों के लिये पांच प्रतिशत की सीलिंग हटाकर शतप्रतिशत भर्ती सुनिश्चित की जाए। नए चार श्रम संहिता कानून को रद्द किया जाए। बीमा क्षेत्र में शत प्रतिशत एफडीआई लागू करने का विरोध किया गया बिजली बिल संशोधन, 2022 रद्द करने के साथ ही वितरण प्रणाली को निजी क्षेत्र में दिए जाने का प्रस्ताव रद्द किया जाए। देश में निजी क्षेत्र की एकाधिकार वादी कंपनी पर नियंत्रण किया जाए।अंत में अध्यक्ष द्वारा उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करने के बाद आजीवन सदस्य डा ए के चतुर्वेदी का निधन की जानकारी मिलने पर शोक प्रस्ताव भी पारित करके बैठक के समापन की घोषणा की। बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों में सर्वश्री कार्यकारी अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, महामंत्री शरद प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रो0 बी0 डी0 पांडेय, राजीव निगम, मंत्री अरविंद द्विवेदी, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार भाटिया, आडीटर पी0 के0 शर्मा, संगठन मंत्री कामाख्या प्रसाद मिश्रा, कमल अग्रवाल, शिवेंदु श्रीवास्तव, पी के पांडेय, सुरेश वर्मा, के के शुक्ला, अनूप मिश्रा, सत्य प्रकाश तिवारी, रमाकांत गुप्ता, अशोक तिवारी आदि मौजूद रहे।
|