"शक्ति और सुरक्षा" कार्यक्रम का समापन
-महिला अपराधों में जेंडर सेंसेटिव पुलिसिंग पर अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | रागेंद्र स्वरूप सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा दो दिवसीय कार्यक्रम का हुआ भव्य समापन. कार्यक्रम में कानपुर, आगरा जोन के लगभग 200 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को महिला अपराधों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाही का प्रशिक्षण दिया गया.कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन,उत्तर प्रदेश पुलिस व पुलिस कमिश्नरेट कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.कार्यक्रम के अंतिम दिन 3 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए.साइबर अपराध और फॉरेंसिक पर सत्र में एनसीआरटीसी दिल्ली के मुख्य सुरक्षा आयुक्त एस.डी. मिश्रा ने महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण और फॉरेंसिक विश्लेषण की बारीकियां बताईं.सोशल मीडिया अपराध पर सत्र में कानपुर की अपर पुलिस उपायुक्त अंजलि विश्वकर्मा ने ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर स्टॉकिंग और सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों की प्रभावी विवेचना के तरीके समझाए पीओएसएच कानून पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की अधिवक्ता अंचल गुप्ता ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम और उसमें पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डाला.दो दिनों में अधिकारियों को महिला सुरक्षा, जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग, जीरो एफआईआर, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराध और डिजिटल फॉरेंसिक जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया.कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की संयोजक डॉ. सर्वेश पाण्डेय की मौजूदगी सराहनीय रही.समापन पर अपर पुलिस उपायुक्त स्नेहा तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया.अधिकारियों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक बताया और कहा कि इससे पुलिस की जांच क्षमता और लैंगिक संवेदनशीलता बढ़ेगी |
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