एसआर मेमोरियल चौरिटेबल हॉस्पिटल का विस अध्यक्ष ने किया उद्घाटन
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलेगा नया जीवन, हर जरूरतमंद तक पहुंचेगा सस्ता और बेहतरीन इलाज
-यह सिर्फ अस्पताल का उद्घाटन नहीं, तड़पते हुए चेहरों पर मुस्कान लाने का हमारा संकल्प - डॉ. शरद बाजपेई
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। जब बीमारी किसी गरीब के दरवाजे पर दस्तक देती है, तो अक्सर इलाज के खर्च के डर से उसकी उम्मीदें दम तोड़ देती हैं। समाज के इसी दर्द को महसूस करते हुए और लाचार चेहरों पर दोबारा उम्मीद की चमक बिखेरने के पावन उद्देश्य से शहर में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। “मुस्कुराए कानपुर” मुहिम के अंतर्गत गठित कानपुर हेल्थ कमेटी के सहयोग और कनिका हॉस्पिटल के बैनर तले एस. आर. मेमोरियल चौरिटेबल हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथि उ.प्र. विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना, अस्पताल के डॉ सिधांशु राय व अन्य डॉक्टरो ने साथ मिल कर किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जब इरादे नेक हों तो समाज स्वयं रास्ते बना देता है। यह अस्पताल केवल ईट पत्थर की इमारत नही , बल्कि मानवता की सेवा का एक मंदिर है।इस संवेदनशील पहल के प्रणेता और समन्वयक डॉ. शरद बाजपेई ने अस्पताल के शुभारम्भ पर बेहद भावुक और प्रेरक बात कही। उन्होंने कहा एस. आर. मेमोरियल चौरिटेबल हॉस्पिटल की यह पहल केवल ईंट-पत्थरों से बनी एक इमारत या किसी अस्पताल का औपचारिक उद्घाटन मात्र नहीं है। यह समाज सेवा और जनकल्याण के प्रति हमारी आत्मा की आवाज और हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि यह संस्थान कानपुर के हर उस नागरिक का संबल बनेगा, जो बीमारी के दौर में खुद को बेबस पाता है। यह अस्पताल हर गरीब के लिए उम्मीद का वो दीया है, जो कभी बुझने नहीं पाएगा। इस मौके पर मुख्य रूप से पूर्व डीजीएमई डॉ बी.एन.त्रिपाठी, जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्रो. डॉ विकास मिश्रा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ शुकान्त पाण्डे, आईएमए अध्यक्ष डॉ अनुराग मेहरोत्रा समेत तामाम फैक्ल्टी के डॉक्टर्स मौजूद रहे।- क्यों खास और शानदार है यह पहल ? यहाँ इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि अपनेपन और संवेदनशीलता के साथ किया जाएगा, ताकि मरीज आर्थिक और मानसिक दोनों चिंताओं से मुक्त हो सके।अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होने के बावजूद, यहाँ की सेवाएं पूरी तरह से आम आदमी के बजट को ध्यान में रखकर तय की गई हैं। “मुस्कुराए कानपुर” ने संकल्प लिया है कि इस चौरिटेबल अस्पताल के शुरू होने से अब पैसों की कमी किसी के इलाज में बाधा नहीं बनेगी, जिससे सही मायनों में कानपुर का हर नागरिक मुस्कुरा सकेगा। चिकित्सा के क्षेत्र में जब व्यावसायिकता हावी हो रही हो, ऐसे दौर में कनिका हॉस्पिटल और कानपुर हेल्थ कमेटी की यह मानवीय पहल समाज के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह अस्पताल आने वाले दिनों में न केवल कानपुर, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए मानवता और सेवा की एक अद्भुत मिसाल बनने जा रहा है।