66 वर्षीय हाई-रिस्क महिला के जन्मजात हृदय दोष का बिना ओपन हार्ट सर्जरी सफल उपचार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | 66 वर्षीय महिला के जन्मजात हृदय रोग ओस्टियम सेकंडम एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD) का अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव ट्रांसकैथेटर एएसडी डिवाइस क्लोजर प्रक्रिया के माध्यम से सफल उपचार किया। यह जन्मजात हृदय दोष हृदय के ऊपरी दोनों कक्षों (एट्रिया) के बीच असामान्य छेद होने के कारण होता है, जिससे रक्त का प्रवाह असामान्य हो जाता है। यह जटिल प्रक्रिया रीजेंसी हेल्थ कानपुर के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अभिनीत गुप्ता द्वारा सफलतापूर्वक की गई, जिसने इस हाई-रिस्क मरीज के लिए पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प प्रदान किया।
मरीज को जन्मजात हृदय दोष से संबंधित लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विस्तृत चिकित्सकीय जांच और विभिन्न डायग्नोस्टिक परीक्षणों के बाद मरीज में बड़े आकार के ओस्टियम सेकंडम एएसडी की पुष्टि हुई। प्रक्रिया से पहले ट्रांसइसोफेगल इकोकार्डियोग्राफी (TEE) के माध्यम से हृदय की विस्तृत जांच की गई, जिसमें भोजन नली (इसोफेगस) के जरिए अल्ट्रासाउंड द्वारा हृदय की स्पष्ट तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। जांच में हृदय की सेप्टल संरचना (Septal Rims) उपयुक्त पाई गई, जिससे मरीज को मिनिमली इनवेसिव ट्रांसकैथेटर प्रक्रिया के लिए उपयुक्त माना गया।
यह मामला कई गंभीर सह-रोगों (कॉमॉर्बिडिटीज़) के कारण और अधिक चुनौतीपूर्ण था। मरीज गंभीर मोटापे (Severe Obesity) और ओबेसिटी हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम (OHVS) से भी पीड़ित थी। यह ऐसी स्थिति है जिसमें अत्यधिक मोटापा सामान्य श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करता है और पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी के जोखिम को काफी बढ़ा देता है। इसके अलावा, मरीज में एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट की संरचना अत्यधिक असंतुलित (Highly Malaligned ASD) थी तथा इंटरएट्रियल सेप्टम भी अत्यंत लचीला था, जिससे डिवाइस को सही स्थान पर स्थिरता से स्थापित करना तकनीकी रूप से काफी कठिन था। इस सफल उपचार पर अपने विचार साझा करते हुए रीजेंसी हेल्थ कानपुर के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अभिनीत गुप्ता ने कहा, "हाई-रिस्क मरीजों में जटिल एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट का उपचार अत्यंत सावधानीपूर्वक योजना, सटीक इमेजिंग और अनुभवी इंटरवेंशनल विशेषज्ञता की मांग करता है। टीईई की सहायता से विस्तृत मूल्यांकन और उचित आकार के डिवाइस के चयन ने हमें बिना ओपन हार्ट सर्जरी के सुरक्षित रूप से मिनिमली इनवेसिव ट्रांसकैथेटर क्लोजर करने में सक्षम बनाया। बुजुर्ग मरीजों और कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए यह तकनीक विशेष रूप से लाभकारी है क्योंकि इसमें छोटा चीरा, कम शारीरिक आघात, अस्पताल में कम समय तक भर्ती, तेज़ रिकवरी और सर्जरी से जुड़े कम जोखिम जैसे कई फायदे मिलते हैं। समय पर जांच और अनुभवी स्ट्रक्चरल हार्ट विशेषज्ञों से परामर्श लेने पर जन्मजात हृदय दोष के जटिल मामलों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।