बिना फिटनेस सड़कों पर फर्राटा भर रहे स्कूली वाहन, मासूमों की जिंदगी दांव पर
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस राठ,हमीरपुर l कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हर सुबह बच्चों की जान जोखिम में डालकर अनफिट स्कूली वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। मानकों को दरकिनार कर चल रहे इन वाहनों पर न तो परिवहन विभाग की नजर है और न ही स्थानीय पुलिस प्रशासन का कोई खौफ। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। नगर में रोजाना दर्जनों ऑटो, आपे, वैन और ई-रिक्शा विद्यार्थियों को लाने और ले जाने का काम कर रहे हैं। वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक मासूमों को ठूस-ठूस कर बैठाया जाता है।
अधिकांश वाहनों के पास न तो वैध फिटनेस प्रमाणपत्र है और न ही बीमा या अन्य जरूरी दस्तावेज। दर्जनों गाड़ियां कमर्शियल नंबर प्लेट के ही बेधड़क टैक्सी के रूप में स्कूली बच्चों को ढो रही हैं।
*प्रशासन बना अनजान, लोगों में भारी रोष*
इनसेट l स्थानीय अभिभावकों और नागरिकों का कहना है कि हर सुबह यह खतरनाक नजारा सड़कों पर आसानी से देखा जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी आंखें मूंदे हुए हैं। बड़ा सवाल- क्या एआरटीओ और पुलिस प्रशासन केवल औपचारिकता के लिए कभी-कभार चेकिंग अभियान चलाएगा, या फिर इन अवैध और खतरनाक वाहनों पर कोई सख्त और स्थायी कार्रवाई की जाएगी?अब देखना यह होगा कि खबर को संज्ञान में लेकर प्रशासन इन खटारा और अवैध स्कूली वाहनों पर चाबुक चलाता है या फिर मासूमों की सुरक्षा से यूं ही खिलवाड़ होता रहेगा।