सर्पदंश से गंभीर दो वर्षीय बच्चे को यूपीयूएमएस सैफई में उपचार के बाद मिली नई जिंदगी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई, इटावा, 14 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के बालरोग विभाग में सर्पदंश से गंभीर रूप से पीड़ित दो वर्षीय बच्चे का सफल उपचार किया गया। समय पर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख के चलते बच्चे की स्थिति में अब उल्लेखनीय सुधार है।
मैनपुरी निवासी दो वर्षीय माधव को 09 सितंबर 2026 को प्रातः लगभग 9:00 बजे सर्पदंश के बाद गंभीर अवस्था में मैनपुरी से रेफर कर यूपीयूएमएस के आपातकालीन विभाग में लाया गया। प्रारंभिक परीक्षण के बाद बच्चे को तत्काल बालरोग विभाग में भर्ती किया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा जांच में करैत सर्प के दो बार काटने की जानकारी सामने आई।
सर्पदंश के कारण बच्चे की स्थिति अत्यंत गंभीर थी तथा उसकी हृदय गति लगातार कम हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे बालरोग विभाग के अंतर्गत संचालित पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया। उपचार के दौरान बच्चे को तत्काल 10 वायल एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) दिया गया। इसके बावजूद विष का प्रभाव अपेक्षित रूप से कम नहीं हुआ, जिसके बाद चिकित्सकीय निगरानी में पुनः 10 वायल एंटी-स्नेक वेनम दिया गया।
डॉ. दुर्गेश कुमार, प्रोफेसर, बाल रोग विभाग के पर्यवेक्षण में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा बच्चे की लगातार निगरानी एवं उपचार किया गया। उपचार के परिणामस्वरूप तीसरे दिन बच्चे की स्थिति में सुधार प्रारंभ हुआ तथा उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया। वर्तमान में बच्चे की स्थिति काफी सामान्य है और वह चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य लाभ कर रहा है।
यूपीयूएमएस के बालरोग विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं और मरीज को बिना समय गंवाए तत्काल निकटतम चिकित्सालय ले जाएं। सर्पदंश के मरीज को झाड़-फूंक अथवा किसी अन्य गैर-चिकित्सकीय उपाय में उलझाकर कीमती समय बर्बाद न करें। समय पर अस्पताल पहुंचने और उचित चिकित्सा मिलने से सर्पदंश के गंभीर मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।