सीए छात्रों का दो दिवसीय महासम्मेलन, एआई और ऑडिटिंग पर मंथन
- कई विशेषज्ञों ने किया शोध पत्रों का मूल्यांकन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के अध्ययन बोर्ड संचालन द्वारा केंद्रीय भारत क्षेत्रीय परिषद (सीआईआरसी) और सिकासा के आतिथ्य में दो दिवसीय "सीए छात्रों का महासम्मेलन" आज कानपुर के आईसीएआई भवन, लखनपुर में शुरू हुआ। पहले दिन वित्तीय रिपोर्टिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में ऑडिटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई।सम्मेलन के प्रथम दिवस पर ज्ञान चन्द्र मिश्रा, अंकुर गोयल, धवल कोठारी और नितिन गुप्ता ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। दिन के पहले ज्ञान सत्र का विषय "वित्तीय रिपोर्टिंग: आंकड़े जो कहानी बताते हैं!" रहा। इस सत्र में कई शोध पत्र प्रस्तुत किए गए और मुख्य वक्ता कार्तिक जिंदल ने अपने विचार साझा किए। इसके बाद एक कौशल विकास सत्र आयोजित हुआ, जिसमें आशीष कालरा ने कॅरिअर निर्माण पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।एआई के युग में ऑडिट" विषय पर एक और ज्ञान सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग पर चर्चा हुई। मोहम्मद मुजीब, सौम्या जैन और रवलीन कौर कौर ने इस विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किए। दिन के अंतिम सत्र में सोनाली जैन ने एआई के दौर में ऑडिटिंग के बदलते स्वरूप पर अपने विचार रखे। विद्यार्थी वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों का मूल्यांकन कई सीए विशेषज्ञों ने किया।- एआई के युग में ऑडिटिंग और भविष्य की दिशाएआई के युग में ऑडिट" सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। मोहम्मद मुजीब, सौम्या जैन और रवलीन कौर कौर ने एआई के प्रभाव पर शोध पत्र प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता ऐश्वर्या खंडेलवाल कपूर और सोनाली जैन ने ऑडिटिंग के बदलते स्वरूप व कॅरिअर निर्माण पर मार्गदर्शन दिया। दूसरे दिन 11 अक्तूबर 2026 को कराधान, भारतीय अर्थव्यवस्था व पूंजी बाजार से संबंधित सत्र होंगे