एसबीआई फाउंडेशन और आईआईटी कानपुर की पहल से 30 स्टार्टअप को ₹2.64 करोड़ की सहायता
-8,000 से अधिक किसानों और 4,000 से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) ने एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से 30 नवाचार आधारित स्टार्टअप की प्रगति और उनके प्रभाव को प्रस्तुत किया। वहीं, हाल ही में इसके लिए आईआईटी कानपुर के नोएडा परिसर में ‘एसबीआईएफ लीप: इनोवेटर्स फॉर भारत डेमो डे एंड इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। भारतीय स्टेट बैंक की सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) इकाई एसबीआई फॉउंडेशन द्वारा समर्थित और एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के तहत कृषि प्रौद्योगिकी, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप को चरणबद्ध उपलब्धियों के आधार पर कुल ₹2.64 करोड़ की अनुदान सहायता दी गई है। इस पहल के माध्यम से आर्थिक सहायता, व्यवस्थित मार्गदर्शन, विशेषज्ञों की सलाह और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि नवाचार आधारित समाधानों को विकसित करने और बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सके। इस कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और नवाचार से जुड़े अन्य लोगों ने भाग लिया। यहां स्टार्टअप ने अपने उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन किया तथा निवेश और व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। सभी 30 स्टार्टअप्स ने आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई।कार्यक्रम के प्रभाव आकलन के अनुसार, इन स्टार्टअप्स के प्रयासों से 8,000 से अधिक किसानों और 960 से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है। साथ ही, 195 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इनके नवाचारों से 2,000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रोकने में मदद मिली है। इसके अलावा, 3,000 टन से अधिक कृषि अपशिष्ट से स्वच्छ जैव ईंधन बनाया गया है और पराली जलाने से 800 एकड़ कृषि भूमि को बचाने में मदद मिली है स्वास्थ्य के क्षेत्र स्टार्टअप्स ने 4,000 से अधिक लोगों को जांच और अन्य सेवाएं दी हैं। इन्होंने आठ से अधिक पेटेंट के लिए आवेदन किया है या पेटेंट हासिल किए हैं।