ग्राफ्टिंग तकनीक से बढ़ेगी सब्जियों की पैदावार,किसानों को दिया प्रशिक्षण
कन्नौज ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ प्रिंस श्रीवास्तव
हिंदुस्तान न्यूज एक्सप्रेस कन्नौज संवाददाता।उमर्दा स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स में सब्जियों की ग्राफ्टिंग तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आज संपन्न हुआ।इसमें भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों को ग्राफ्टिंग की आधुनिक विधियों और पौधों की देखभाल की जानकारी दी।प्रशिक्षण के दौरान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.अनंत बहादुर और डा.अनीश कुमार सिंह ने हाईटेक नर्सरी में व्यावहारिक प्रदर्शन कर बैंगन,टमाटर और मिर्च में ग्राफ्टिंग की तकनीक समझाई। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से ग्राफ्टिंग करने पर फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।वैज्ञानिकों ने ग्राफ्टिंग में इस्तेमाल होने वाले औजारों की स्वच्छता और पौधों के लिए उचित तापमान एवं आर्द्रता बनाए रखने पर जोर दिया।उन्होंने बताया कि सही तकनीक और अनुकूल परिस्थितियों में ग्राफ्टिंग की सफलता दर 90 प्रतिशत से अधिक हो सकती है।
जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने कहा कि ग्राफ्टिंग तकनीक मृदा जनित रोगों से फसलों की सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।उन्होंने किसानों से आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की अपील की।कार्यक्रम में सीएसए के वैज्ञानिक डॉ.शंकर सिंह, ग्रीनलीफ कॉलेज के प्रबंधक प्रमोद कुमार, केंद्र प्रभारी नवीन कुमार, रोहित कुमार, कुंवर वैभव प्रताप सिंह, ब्रजमान सिंह, जितेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।