गन्ना बोने से पहले किसान भाई करे बीज का उपचार - डी. सी. ओ.
जिला संवाददाता बुद्धसेन कश्यप
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस पीलीभीत।जनपद पीलीभीत में वर्तमान बसंतकालीन गन्ना बुवाई का कार्य तेजी से चल रहा है। जनपद मे अब तक 27278 हे. में गन्ना बुवाई की जा चुकी है जो कि लक्ष्य का 58 प्रतिशत है। जनपद मे इस वर्ष 46600 हे मे बसंतकालीन गन्ना बुवाई होना है। बसंतकालीन गन्ना बुवाई जागरूकता अभियान के तहत गन्ना विकास परिषद पूरनपुर के ग्राम लाह मे किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। किसान गोष्ठी मे खुशी राम भार्गव जिला गन्ना अधिकारी पीलीभीत ने किसानो को बताया कि वह ऐसे खेत से बीज का चयन करें, जिसमें कीट एवं बीमारी का प्रकोप न हो, बोने से पहले काटे गये बीज के टुकड़ो को थायोफिनेट मेथाइल या बाविस्टीन से उपचारित जरूर करें। दोनों में से किसी एक रसायन का एक प्रतिशत का घोल बना लें, काटे गये बीज गन्ना के टुकड़ो को 10 मिनट तक घोल में डुबो दंे, इसके पश्चात ही बुवाई करें, ऐसा करने से कवक से होने वाली बीज जनित बीमारी जैसे लाल सड़न रोग, कँडुवा रोग, पेड़ी का बौना रोग नहीं होती है। दीमक से बचाव हेतु 3 मिली. प्रति लीटर पानी के घोल मे 20 प्रतिशत ई. सी. क्लोरोपायरीफास मे बीज को डुबोना चाहिए। बीज उपचार करने से पौधों को शुरुआती सुरक्षा मिलती है, अंकुरण ठीक होता है, बीज को सड़ने से बचाया जा सकता है तथा साथ ही पोषक तत्वों को बढ़ावा मिलता है। गन्ना बुवाई हमेशा ट्रेंच विधि, रिंग पिट विधि या पैयर्ड रो विधि से करें। अश्वीकृत गन्ना किस्मों की बुवाई बिलकुल न करंे। कोशा 91279, पी बी. 93, पी बी. 95, को 11055 गन्ना किस्मे अपने यहाँ के लिए स्वीकृत नहीं है इनकी बुवाई न करें, अगर किसी ने अस्वीकृत किस्म का गन्ना बोया तो उसका सर्वे नहीं किया जायेगा। यदि कोई इन किस्मो का गन्ना बीज बेचते पकड़ा जायेगा तो उसके खिलाफ बीज अधिनियम, 1966 के तहत कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पूरनपुर, पुष्पेंद्र चिकारा गन्ना प्रबंधक एल. एच. चीनी मिल, अजय यादव मुख्य गन्ना अधिकारी पूरनपुर चीनी मिल, गाँव के गन्ना किसान मुकेश वर्मा, प्रेम सागर वर्मा, ज्वाला प्रसाद, अवनीश, टीकाराम व अन्य लोग उपस्थित रहे।