बिजलीघर गेट पर बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
U- निजीकरण के विरोध में देशव्यापी समर्थन से उप्र के बिजली कर्मियों में भारी उत्साह और जोश
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, केस्को के पदाधिकारियों ने बिजलीघर गेट पर सभा में जानकारी दी कि 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच ने आज दिल्ली में हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और श्रम संहिता के विरोध में आगामी 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। निजीकरण के विरोध में देशभर के दस बड़े मजदूर संगठनों का समर्थन मिलने से लगातार 408 दिनों से संघर्षरत उप्र के बिजली कर्मियों में भारी उत्साह हैकेन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच में इंटक, एटक, सीटू, एच एम एस, ए आई यू टी यू सी, सी सी टी यू,सेवा, ए आई सी सी टी यू,एल पी एफ, यू टी यू सी सम्मिलित हैं। संघर्ष समिति ने बताया कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के राष्ट्रीय सम्मेलन में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 आम उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों के हितों के विपरीत है। यह बिल संसद में पारित किया जाता है तो इसके बहुत घातक परिणाम होंगे और यह सार्वजनिक क्षेत्र के पॉवर सेक्टर को तबाह कर देगा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रस्ताव में कहा गया है कि आगामी 16 जनवरी को इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और बीज बिल के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले देश भर में "प्रतिरोध दिवस" मनाया जायेगा। इसके अतिरिक्त बिजली कर्मचारी देश भर में निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में संघर्ष कर रहे हैंकेन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने देश भर के मजदूरों का आह्वान किया है कि 16 जनवरी को प्रतिरोध दिवस में सभी ट्रेड यूनियन पूरी तरह सम्मिलित हों और बाद बिजली कर्मियों के साथ सभी प्रान्तों में संयुक्त सभा और सम्मेलन कर व्यापक मोबिलाईजेशन किया जाय।संघर्ष समिति ने बताया कि अब उप्र के बिजली कर्मियों को देश भर के 25 करोड़ कर्मचारियों और मजदूरों का समर्थन मिलने से उप्र के बिजली कर्मी और उत्साह तथा जोश के साथ निजीकरण के विरोध में संघर्ष तेज करेंगे। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आज कानपुर में बिजलीघर गेट पर बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।