सुपर स्पेशलिटी में जल्द ही गुर्दा प्रत्यारोपण शिविर की उम्मीद की किरण
U- प्रत्यारोपण शुरू होने से आस पास के अन्य जिलों के मरीजों को मिलेगा फायदा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। अगर अब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों का राहत मिलने की उम्मीद है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी को लेकर गुरुवार को तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण किया। इस टीम में लखनऊ के केजीएमयू से डॉ. एसजीपीजीआई लखनऊ से डॉ. नारायण प्रसाद और केजीएमयू के डॉ. अभिनव सोनकर डॉ ईश्वर राम दयाल शामिल रहे । टीम ने अस्पताल में मौजूद संसाधनों, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल स्टाफ और तकनीकी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी से जुड़ी सुविधाओं के साथ-साथ मरीजों की देखभाल की व्यवस्थाओं को भी परखा। टीम अब इस निरीक्षण के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के बाद सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने पर कानपुर मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
गुर्दे की समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश में सरकारी संस्थानों के स्तर पर केवल लखनऊ स्थित केजीएमयू में ही किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है। कानपुर में यह सुविधा शुरू होने से केजीएमयू पर मरीजों का दबाव कम होगा और आसपास के जिलों के मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों और प्रशासन को उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही जल्द ही यहां किडनी ट्रांसप्लांट शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला, प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर.के. सिंह, उप प्रधानाचार्य डॉ. रिचा गिरी,डॉ समीर गोविल ,डॉ. युवराज गुलाटी और डॉ. अनिल वैद्य,डॉ विनय कुमार भी मौजूद रहे। कॉलेज प्रशासन ने टीम को मौजूदा व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से यह कदम कानपुर और आसपास के क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों को अब इलाज के लिए लखनऊ या दूसरे राज्यों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
- शासन से जल्द मिलेगी हरी झंडी
लखनऊ से आई तीन सदस्यीय जांच टीमके डॉ नारायण प्रसाद ने कहा है कि सुपर स्पेशलिटी में नेफ्रो के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सही बना है।अब लाइसेंस के लिए कॉलेज प्रशासन आवेदन करेगा जिसके बाद निरीक्षण करने टीम आएगी और वहीं अपनी संतुति के बाद अप्रूवल दे दिया जाएगा। अप्रूवल मिलने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में गुर्दा प्रत्यारोपण शुरू कर दिया जाएगा। उसके लिए जरूरी उपकरण भी जल्द मुहैया करा दिया जाएगा।