कृषि विश्वविद्यालय में मनाया राष्ट्रीय युवा दिवस
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के उद्यान महाविद्यालय, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय, कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालय में एनएसएस इकाई 7, एनएसएस इकाई 3 के तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित कर राष्ट्र निर्माण एवं स्वदेशी चेतना से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
अधिष्ठाता उधान संकाय डॉ. वी. के. त्रिपाठी, गृह विज्ञान महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ सीमा सोनकर, अधिष्ठाता डॉ डी सिंह के कुशल मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. यू. एन. शुक्ला,डॉ रश्मि सिंह के कुशल नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिष्ठाता गणों ने छात्रों को चरित्र निर्माण के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के साथ आत्मनिर्भर बनने और नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिष्ठाता वानिकी संकाय डॉ कौशल कुमार ने विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता को बढ़ाने पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम में जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगितात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत “रन फॉर स्वदेशी” का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने हाथों में स्वदेशी एवं राष्ट्रप्रेरक नारों की तख्तियां लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौड़ के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वदेशी अपनाने, स्थानीय उत्पादों के उपयोग और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन एवं विचारों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साथ ही स्वदेशी विषय पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने आत्मनिर्भर भारत, भारतीय संस्कृति, स्वदेशी उत्पादों के महत्व तथा युवाओं की भूमिका पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। इस पूरे कार्यक्रम में 80 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ यू. एन. शुक्ल ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें, स्वदेशी को अपनाएं तथा एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु महाविद्यालय के टीचिंग एसोसिएट्स डॉ सोमेंद्र वर्मा, डॉ मनुज अवस्थी, डॉ अमित कुमार, डॉ प्रांजल सिंह, प्रेम कुमार, डॉ भानु प्रकाश और डॉ बांके लाल की उपस्थिति रही, जिन्होंने अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ गतिविधियों की सतत निगरानी करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया।