डीएम ने की सीएमडैश बोर्ड की समीक्षा, कसे पेंच
*जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज नवीन सभागार, सरसैया घाट में सीएम डैशबोर्ड पर अंकित विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने विभागों के बीच अंतर्विभागीय समन्वय बेहतर बनाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराए जाएं और समयसीमा के भीतर पूरे होने वाले कार्यों की प्रगति समय से डैशबोर्ड पर फीड की जाए।
बैठक में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों को भी स्पष्ट संदेश दिया गया। डीएम ने कहा कि जिन विभागों की रैंकिंग ए अथवा ए-प्लस श्रेणी में है, वे अपनी स्थिति बनाए रखें और गुणवत्ता के स्तर में किसी भी तरह की गिरावट न आने दें। वहीं, लापरवाही बरतने वाले विभागों को चेतावनी के साथ कार्रवाई के संकेत भी दे दिए गए।
जिलाधिकारी ने डीईएसटीओ को निर्देश दिए कि जनपद की उन 10 परियोजनाओं की सूची तैयार कर संबंधित विभागों और कार्यदाई संस्थाओं को नोटिस जारी किया जाए, जो निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद भी लंबित हैं। इसके साथ ही छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा में सामने आई लापरवाही पर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जिन दो विद्यालयों ने एक भी छात्र का छात्रवृत्ति आवेदन नहीं कराया है, उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
15वें वित्त की धनराशि के उपयोग में भी लापरवाही उजागर हुई। बिधनू विकास खंड में राशि उपलब्ध होने के बावजूद खर्च न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और खंड विकास अधिकारी बिधनू तथा एडीओ पंचायत बिधनू को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि 15वें वित्त की धनराशि का समय से उपयोग सुनिश्चित करें।
आईजीआरएस को लेकर भी जिलाधिकारी का रुख सख्त रहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आईजीआरएस एप डाउनलोड करें और प्रतिदिन स्वयं प्रकरणों को देखें। किसी भी दशा में कंप्यूटर ऑपरेटर या कनिष्ठ स्तर के कार्मिकों के भरोसे कार्य न छोड़े। पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का प्रतिदिन गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करें। प्रत्येक शिकायत में फील्ड निरीक्षण के बाद ही निरीक्षण आख्या अपलोड करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिदत्त नेमी, अपर जिलाधिकारी नगर राजेश कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के सख्त तेवरों से यह साफ हो गया कि अब विकास कार्यों और जनशिकायतों में लापरवाही करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं