सामूहिक विवाह में अव्यवस्था पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
*आयोजनकर्ता फर्म ब्लैकलिस्ट, पांच साल तक सरकारी काम पर रोक
*निविदा शर्तों के उल्लंघन पर फर्म की सिक्योरिटी जब्त
*सामूहिक विवाह के सभी बिलों पर ब्रेक, कटौती के बाद ही भुगतान
*आयोजनकर्ता फर्म पर गिरी गाज,नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड ब्लैकलिस्ट
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 11 दिसंबर 2025 को चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामने आई अव्यवस्था पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद आयोजन कराने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उस पर आगामी पांच वर्षों तक किसी भी सरकारी विभाग में काम करने पर रोक लगा दी गई है।मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती दीक्षा जैन ने बताया कि कार्यक्रम के दिन अव्यवस्थाएं सामने आने पर अपर जिलाधिकारी नगर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट में आयोजन से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई।जांच में पाया गया कि 635 वैवाहिक जोड़ों के लिए जारी कार्यादेश के बावजूद मौके पर उपस्थित 561 जोड़ों और उनके परिजनों के लिए व्यवस्थाएं नाकाफी थीं। करीब 12,342 लोगों की मौजूदगी के मुकाबले फर्म ने केवल 2100 से 2300 लोगों के लिए ही भोजन की व्यवस्था की थी, वह भी तय मेनू के अनुसार नहीं थी। बैठने, जलपान और अन्य सुविधाओं को लेकर परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी।पूजन सामग्री और आयोजन प्रबंधों में भी भारी कमी सामने आई। तय संख्या के मुकाबले वेदियां कम रहीं, फोटोग्राफरों की संख्या बेहद कम पाई गई और जयमालाओं, लड्डू तथा ड्राई फ्रूट्स में भी कमी दर्ज की गई। पंडाल छोटा रहा और कुर्सियों की संख्या जरूरत से काफी कम थी। एलईडी स्क्रीन, सजावट, बैनर और स्टैंडी जैसी व्यवस्थाएं भी अधूरी रहीं। संयुक्त जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि फर्म द्वारा की गई व्यवस्थाएं कुल आवश्यकता की तुलना में केवल लगभग 45 प्रतिशत ही थी। इसी लापरवाही के कारण सामूहिक विवाह कार्यक्रम वैवाहिक जोड़ो तथा उनके परिजनों को बैठने, भोजन और जलपान के लिए भटकना पड़ा और अव्यवस्था हुई। फर्म द्वारा बिल प्रस्तुत करने पर कमियों के सापेक्ष कटौती करने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुमोदन के बाद आयोजनकर्ता फर्म नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही और गड़बड़ी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*बॉक्स-1
*दीवाल घड़ी मानक के अनुरूप नहीं 1.40 लाख रुपये की होगी कटौती
जांच में उपहार सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं। एम/एस नेशनल को-ऑपरेटिव कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा आपूर्ति की गई दीवार घड़ियां निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। दीवाल घड़ी वितरण में 1 लाख 40 हजार रुपये की गड़बड़ी सामने आने पर रकम संबंधित फर्म के भुगतान से सीधे काटी जाएगी।
*बॉक्स-2
*जांच में सामने आईं प्रमुख कमियां
• सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 12,342 लोगों की अपेक्षित मौजूदगी के मुकाबले केवल 2100–2300 लोगों के लिए भोजन
• भोजन तय मेनू के अनुसार नहीं
• 561 जोड़ों के लिए केवल 370 वेदियां और पूजन सामग्री
• तय 25 फोटोग्राफरों की जगह सिर्फ 2 फोटोग्राफर
• लड्डू और ड्राई फ्रूट्स की मात्रा कम
• जयमालाओं की संख्या मानक के अनुरूप नहीं
• पंडाल छोटा, बैठने के लिए केवल लगभग 3000 कुर्सियां
• एलईडी स्क्रीन और सजावट की व्यवस्था अधूरी
• जांच समिति के अनुसार फर्म द्वारा की गई व्यवस्थाएं कुल आवश्यकता की तुलना में केवल लगभग 45 प्रतिशत ही पायी गई
*बॉक्स 3 :
*प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की
• आयोजनकर्ता फर्म नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड ब्लैकलिस्ट
• आगामी पांच वर्षों तक किसी भी सरकारी विभाग में काम पर रोक
• आयोजन से जुड़े सभी बिलों का भुगतान रोका गया
• दीवाल घड़ी वितरण में 1.40 लाख रुपये की रकम भुगतान से कटेगी
• निविदा शर्तों के तहत सुरक्षा राशि और ईपीबीजी जब्त करने की कार्रवाई
• फर्म द्वारा बिल प्रस्तुत करने पर कमियों के सापेक्ष कटौती करने के बाद ही होगा भुगतान
• शेष 398 सामूहिक विवाहों के लिए पुराना ई-टेंडर निरस्त
• आयोजन के लिए नई ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाने के निर्देश