उत्तर प्रदेश हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0 में कुलपति की सक्रिय सहभागिता
*कॉन्क्लेव 1.0 में विशिष्ट अतिथियों(सरकार, शिक्षा एवं मेडटेक उद्योग) किया स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर मंथन।
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई के माननीय कुलपति प्रो. अजय सिंह ने तीन दिवसीय (18-20 जनवरी)उत्तर प्रदेश हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0 में सक्रिय रूप से सहभागिता की। यह प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय आयोजन उत्तर प्रदेश प्रोमोट फार्मा काउंसिल द्वारा लखनऊ में आयोजित किया गया। कॉन्क्लेव के दौरान कुलपति महोदय ने अमित कुमार घोष, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य), उत्तर प्रदेश शासन सहित सरकार, शिक्षा जगत तथा मेडटेक उद्योग से जुड़े अनेक वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर मंथन किया।
इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ जी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तर प्रदेश को चिकित्सा उपकरण, हेल्थ टेक्नोलॉजी एवं क्लिनिकल अनुसंधान के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की दूरदृष्टि को रेखांकित किया। यह दृष्टिकोण प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने मेडिकल डिवाइस पार्क (YEIDA), नीतिगत समर्थन, आधारभूत संरचना विकास तथा प्रौद्योगिकी-आधारित स्वास्थ्य सुधारों पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर माननीय उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री, श्री ब्रजेश पाठक जी ने नवाचार, स्वदेशी विनिर्माण तथा तकनीक-समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला, विशेषकर ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के संदर्भ में।
कॉन्क्लेव के दौरान कुलपति महोदय ने वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं शिक्षाविदों के साथ अकादमिक-उद्योग सहयोग, उभरती स्वास्थ्य तकनीकों के वैधीकरण, क्लिनिकल अनुसंधान के एकीकरण तथा सरकारी चिकित्सा संस्थानों में क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में UP-IMRAS( उत्तर प्रदेश -टीग्रेटेड मेडिकल रिसर्च एप्लीकेशन सिस्टम) का शुभारंभ, मानकीकृत क्लिनिकल रिसर्च एसओपी का विमोचन, विभिन्न एमओयू का आदान-प्रदान, तथा मेडटेक विनिर्माण, नियामक ढांचे, स्टार्ट-अप प्रोत्साहन एवं वैश्विक सहयोग पर उच्च स्तरीय विचार-विमर्श शामिल रहा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश को हेल्थ टेक्नोलॉजी नवाचार के अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ हुआ।