भगवान कर्म बंधनों से मुक्त है - आचार्य पं. मनोज
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शास्त्री नगर स्थित रामलला गोपाल मंदिर में 24वां श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिवस कथा व्यास मनोज शुक्ला ने भगवान राम भगवान श्री कृष्ण लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे भगवान श्री कृष्ण लीला पुरुषोत्तम थे।
श्री राम लाल गोपाल मंदिर के महंत 1008 बलराम दास जी ने बताया कि श्रीमद् भागवत में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है महेश्वर हूं जो मैं कहता हूं वह करो जो मैं करता हूं उसमें तुम समर्थ नहीं हूं। इसलिए उन्हें ईश्वर तत्व कहा गया है क्योंकि वह कर्म बंधनों से मुक्त हैं। उन्होंने बताया भगवान कृष्ण और पास अर्जुन जाए वहां विजय नीति और धर्म है। यह सारा वृत्तांत संजय ने धृतराष्ट्र को भी बताया जो कि अटल सत्य है पूर्ण राम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि वह सर्वज्ञ थे जो भी राक्षस आता था वह उन सब का वध कर देते थे उन्होंने अपने ईश्वर तत्व का प्रयोग किया और अपने आप को कभी न नहीं बताया। कथा के समापन पर गोल्डन बाबा, क्षेत्रीय पार्षद विनोद गुप्ता, काल भैरव के महंत व कैलाश शुक्ला ने भगवान के दर्शन के आरती पूजन किया।